कुशलगढ़| मामा बालेश्वर दयाल की 26वी पुण्यतिथि पर दिनांक 25.12.2024 की शाम को रात्रि में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा जिसमें राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात ओर महाराष्ट्र चार राज्यों से मामाजी के भक्त एवं अनुयाई तथा सामाजिक, राजनीतिक जनप्रतिनिधि पहुंचेंगे जिसमें मामाजी की जिवनी ओर उनके विचारों, सिद्धान्तों पर विचार रखे जाएंगे तथा मामा के द्वारा आदिवासी अंचल में किये गय कार्य शिक्षा ओर भक्ति के माध्यम से उन्होंने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने का काम किया यहीं नहीं उन्होंने आदिवासी अंचल में भीलों के साथ हो रहे अन्याय, अत्याचार के खिलाफ विदेशी हुकुमत व रजवाड़ों से लड़ाई लड़कर भीलों को जागरूक किया ओर उन्हें लड़ना सिखाया। उनके लिए शिक्षा नहीं थी गांव गांव में मामाजी ने छोटे छोटे गुरुकुल खोलकर शिक्षक भेजे जो रात्रि में गांव के बच्चों को पढ़ाने का काम करते थे ओर उनका मेहनताना उस गांव से अनाज इकट्ठा करके दिया जाता था । मामाजी ने आदिवासी क्षेत्रों में सामाजिक कुप्रथाओं को दुर करने का काम किया। शराब बंदी आंदोलन चलाया मामा के सराहनीय कार्य से आदिवासी आज़ उनको लोकदेवता भगवान के रूप में मानते हैं आठ दिन पहले पैदल यात्रा करके 25 शाम तक समाधिस्थल पर पैदल यात्राएं पहुंचेगी लाखों की संख्या में मामाजी के भक्त एवं अनुयाई पहुंचेंगे। ये जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता विजय भाई मईडा ने दी।