प्रदेश सरकार के 1 वर्ष पूर्ण होने पर पंच गौरव को प्रोत्साहन


जिले की 5 चीजों को प्रमोट करेगी सरकार

सवाई माधोपुर में मार्बल मूर्तियां, रणथम्भौर टाईगर रिजर्व, अमरूद, फुटबॉल, नीम

सवाई माधोपुर, 8 दिसंबर। राज्य सरकार ने हर जिले में पांच चीजों को प्रमोट करने के लिए पंच गौरव में शामिल किया है। इसके तहत हर जिले के पांच तत्वों के रूप में एक उपज, एक वानस्पतिक प्रजाति, एक उत्पाद, एक पर्यटन स्थल और एक खेल पर विशेष फोकस करते हुए इनकी मार्केटिंग की जाएगी।
जिला कलक्टर शुभम चौधरी ने बताया कि जिले में पंच गौरव मार्बल मूर्तियां, रणथम्भौर टाईगर रिजर्व, अमरूद, फुटबॉल, नीम चिन्हित किए गए हैं। इनकी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को दी गई है। उन्होंने बताया कि पंच गौरव को प्रोत्साहन देने के लिए कृषि, वन, पर्यटन, उद्योग एवं खेल विभाग नोडल के रूप में कार्य करेंगे। जिले में रणथम्भौर टाईगर रिजर्व व अन्य पर्यटन के माध्यम से हजारों परिवारों को रोजगार मिल रहा है।
अमरूद:- सवाई माधोपुर जिले का अमरूद अपनी की गुणवत्ता व उत्पादन के कारण राजस्थान ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण भारत में विशिष्ट पहचान रखता है। वर्तमान में करीब 8 हजार कृषक 12 हजार 500 हैक्टेयर में अमरूद की खेती कर रहे हैं। यहां लगभग 3 लाख 37 हजार 500 मैट्रिक टन अमरूदों का का उत्पादन प्रतिवर्ष होता है। यहां एल-49, इलाहबादी सफेदा, गोला/बर्फखान आदि अमरूद के किस्में मुख्य रूप से उगाई जा रही है।
मार्बल मूर्तियां (बांसटोरडा):- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय से 67 किलोमीटर व बौंली तहसील से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर बांसटोरडा ग्राम में करीब 35 से 40 हस्तशिल्पी परिवार मार्बल से विभिन्न देवी-देवताओं भगवान बुद्ध, भगवान महादेव, श्री कृष्ण, राधा-कृष्ण, हनुमान जी, भगवान महावीर, काली माता, दुर्गा मॉं, नव दुर्गा सहित महापुरूषो, विभिन्न जीव-जन्तुओं की छेनी-हथोड़े, औजारों से पत्थरों को तराशकर अपने हाथों से जीवन्त मूर्तियां बनाते है। शिल्पी झिरी (दौसा), मकराना, (नागौर), भैंसलाना (जयपुर), चित्तौड़ अम्बाजी गुजरात, इटली तथा वियतनाम से भी कच्चा माल मंगाते है। अच्छी गुणवत्ता कम कीमत की मूर्तियां होने के कारण जयपुर सहित राज्य के अन्य जिलों तथा पड़ौसी राज्यों हरियाणा, पंजाब, गुजरात आदि में वहां के स्थानीय बाजारों में विक्रय हेतु भेजा जाता है। सरकार से पहचान मिलने पर मार्बल मूर्तिकला का प्रचार-प्रसार होगा और हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।
फुटबॉल:- बजट घोषणा 2023-24 में एक जिला एक खेल के तहत फुटबॉल खेल अकादमी खोलने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। फुटबॉल सवाई माधोपुर के युवाओं एवं बच्चों के बीच भी खासा लोकप्रिय है। यह खेल नियमित रूप से यहां के युवाओं व बच्चों द्वारा जिला खेलकूद प्रशिक्षण केन्द्र (दशहरा मैदान, छोटा राजबाग, बड़ा राजबाग, साहूनगर, चौथ का बरवाड़ा) के खेल मैदानों के साथ-साथ विभिन्न विद्यालयों एवं ग्रामीण स्तर पर युवाओं द्वारा खेला जाता है। इस खेल की लोकप्रियता के कारण सवाई माधोपुर में फुटबॉल खेल अकादमी की स्थापना किया जाना अत्यन्त आवश्यक है। 15 खिलाड़ी राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिताओं में अपने खेल, कौशल का परिचय दे चुके है।
नीम:- सवाई माधोपुर जिले में नीम का वृक्ष बहुतायत में पाया जाता है। अपने औषधीय गुणों के कारण मधुमेह में अत्यधिक लाभकारी है। यह जीवाणु नाशक, रक्त्शोधक, त्वचा विकारों में गुणकारी व प्रतिरोधक बढ़ाने वाले एवं बुखार में भी लाभकारी है। नीम का उत्पादों का वाणिज्यिक उपयोग से स्थानीय निवासियों की आमदनी बढ़ेगी।
रणथम्भौर टाईगर रिजर्व:- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय से 14 किलोमीटर दूर रणथम्भौर टाईगजर रिजर्व सम्पूर्ण विश्व में बाघों के साथ-साथ अन्य जीव-जन्तुओं के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहां करीब 160 देशों के साथ-साथ देशी पर्यटक भी वन्यजीवों को स्वछंद विचरण करते देखने प्रतिवर्ष आते है। इस वर्ष अक्टूबर तक कुल 5 लाख 47 हजार 770 पर्यटक आये है। प्रदेश सरकार द्वारा रणथम्भौर टाईगर रिजर्व के संरक्षण व संवर्धन के लिए नये प्रोजेक्ट लाये जाएंगे। जिससे पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विकास किया जाएगा।


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