युवाओं में असीम शक्ति उसका धर्म कार्यो में सदुपयोग करना चाहिए:- आचार्य वसुनंदी महाराज
भावी दीक्षार्थीयों की निकाली बिनोली यात्रा
डीग| मेला ग्राउंड में निर्मित अयोध्या नगरी में जहां चारों ओर खुशियां छाई हुई है तो वही आचार्य वसुनंदी महामुनिराज ससंघ के सानिध्य में चतुर्थ दिवस केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। कस्बे में भावी दीक्षार्थियों की यात्रा निकाली गई तो जनसैलाब उमड़ पड़ा।
पंचकल्याणक समिति के अनुसार मुनि आदि कुमार की प्रथम आहार चर्या इक्षु रस से राजा श्रेयांस व राजा सोम के द्वारा कराया गया। भगवान का तेरह माह के बाद आहार प्राप्त हुआ।
भव्य समोशरण का हुआ निर्माण;- इस अवसर पर पंडाल में चक्रेश जैन के द्वारा भव्य समवशरण का निर्माण किया गया जिसमें आचार्य वसुनंदी महाराज ने गणधर के रूप में उपस्थित होकर जन समुदाय की भावनाओ का उत्कृष्ट समाधान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में असीम शक्ति विराजमान हैं उन्हें उस शक्ति का सदुपयोग करना चाहिए। वे वर्तमान में समाज की धर्म ध्वजा लेकर आगे बढ़े तो सुनहरे भविष्य का निर्माण हो सकता है। बुजुर्गों को भी युवाओं को पूर्ण सहयोग प्रदान करते हुए उन्हें आगे आने का अवसर प्रदान करना चाहिए। अन्य आकुलताओं का समाधान करते हुए कहा कि जैन धर्म अति प्राचीन धर्म वर्तमान में आदिनाथ भगवान से प्रारंभ माना जाता है।