महापुरुषों की संगत में आने से जीवन में प्रकाशमय हो जाता है – पंडित मुरारी लाल पाराशर


ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर पर कलश यात्रा के साथ श्री मद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का हुआ शुभारंभ

डीग 4 मार्च| श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकार होता है।जहां अन्य युगों में धर्म,लाभ एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए कड़े प्रयास करने पड़ते हैं।और कलियुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है।यह वाक्य शहर के ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर पर साकेतवासी बाबा राममनोहर दास जी महाराज द्वारा प्रारंभ की गई एवं उन्हीं के शिष्य बाबा शिवराम दास के सानिध्य में आयोजित हो रही श्री मद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिवस कलश यात्रा के अवसर पर भागवत प्रवक्ता पंडित मुरारी लाल पाराशर ने कहे।
इस दौरान कलश यात्रा शहर के लक्ष्मण मंदिर से प्रारंभ होते हुए मुख्य बाजार,लोहा मंडी, नई सड़क,राजकीय चिकित्सालय,गणेश मंदिर,पुरानी अनाज मंडी होते हुए अपने गंतव्य स्थान पर पहुंची।जिसमें महिलाएं अपने सिर पर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाते हुए चल रही थी। और कलश यात्रा का शहर वासियों द्वारा जगह-जगह आरती व पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
इस अवसर पर भागवत कथा का महात्म्य बताते हुए भागवताचार्य पूज्य पंडित मुरारी लाल पाराशर ने कहा कि भागवत पुराण हिन्दूओं के 18 पुराणों में से एक है।इसे श्री मद्भागवत या केबल भागवतम भी कहते हैं।इसका मुख्य विषय भक्ति योग है।
पाराशर ने कहा कि हजारों वर्षों तक साधना की सीढ़िया पर चढ़ते हुए जब व्यक्ति अपने भीतर के वासनालोलुप दानव का अंत कर डालेगा। तब उसका सोया हुआ देवता जाग उठेगा ।तभी श्रीमद् भागवत का संदेश पूर्ण होगा। वैश्य सेवा संस्थान के अनिल बंसल राकेश गोयल राजकुमार गोयल ने स्टील के 151 कलश भेट किये और अगली साल 551 कलथ भेट किये जायेंगे
इस अवसर पर बाबा शिवराम दास जी महाराज पान्हौरी वाले,हरेष बंसल,केदार सौखिया,गोकुल झालानी,रमेश अरोड़ा,सुन्दर सरपंच,हरचंद पहलवान, पूर्व पार्षद महेंद्र शर्मा,शिवचरन मास्टर,राहुल लवानिया,नीरज कपासिया,गीता तमोलिया,पुष्पा झालानी,लक्ष्मी,सुनिता सोखिया,


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