शाहपुरा में फूलडोल महोत्सव 20 से, मुख्य समारोह 25 से


पीठाधीश्वर रामदयालजी ने दंडवत प्रणाम कर रामनिवास धाम में किया प्रवेश

शाहपुरा। देशभर में विभिन्न प्रदेशों की धार्मिक यात्रा करके देर रात रामस्नेही संप्रदाय के पीठाधीश्वर आचार्य श्रीरामदयालजी महाराज शाहपुरा पहुंचे। इस दौरान श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा के साथ उनकी अगवानी की। रामस्नेही संप्रदाय के वार्षिकोत्सव फूलडोल महोत्सव के दौरान अब उनका यहां ही प्रवास रहेगा। रामस्नेही संप्रदाय की परंपरा के अनुसार आचार्यश्री के शाहपुरा पहुंचने पर उनका रामनिवास धाम में प्रवेश दंडवत प्रणाम करके ही होता है। वर्षो से यह परंपरा चली आ रही है।
आचार्यश्री ने यहां मुख्यद्वार से सूरजपोल तक आचार्यश्री ने दंडवत प्रणाम करते हुए सूरजपोल में प्रवेश किया। संप्रदाय की मर्यादा के अनुरूप संप्रदाय के पीठाधीश्वर के मुख्यपीठ शाहपुरा पहुंचने पर दंडवत प्रणाम करते हुए सूरजपोल में प्रवेश करने का नियम है। सूरजपोल से बारादरी पहुंचने पर आचार्यश्री ने गादीजी को प्रणाम कर मौजूद संतो के साथ स्तंभजी, न्याय की छतरी में प्रणाम किया। आचार्यश्री ने दंडवत प्रणाम कर रामनिवास धाम में प्रवेश किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने राम नाम का जयघोष किया। रामद्वारा के मुख्यद्वार पर भंडारी संत द्वारा प्रणाम करके आचार्यश्री की अगवानी की। उसके बाद संतों के संग आचार्यश्री ने प्रवेश किया। उनके साथ वरिष्ठ संत नरपतरामजी उदयपुर व रामनारायण जी देवास भी मौजूद रहे।
रविवार को रामनिवास धाम की बारादरी में आचार्यश्री रामदयालजी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए सबको एकजुट होकर राम नाम की शरण में आना ही होगा। रामनाम से भव पार हो सकता है। उन्होंने रामनिवास धाम को संप्रदाय की मुख्य धुरी बताते हुए कहा कि आज धाम के दर्शन कर जो अनुभूति हुई है वह दुनिया में और कहीं संभव नहीं है।
उल्लेखनीय है कि फूलडोल महोत्सव 20 मार्च से प्रांरभ हो जायेगा। पहले दिन एकादशी पर थाल की शोभायात्रा निकलेगी। मुख्य पांच दिवसीय महोत्सव 25 से 30 मार्च तक होगा। प्रतिदिन शोभायात्रा निकलेगी।


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