Prayagraj : ग्रामीणों ने लगाया समस्याओं का अंबार, वीडियो ने समस्याओं के निस्तारण का दिया भरोसा


शिवराजपुर में अधिकारियों ने लगाया ग्राम चौपाल

प्रयागराज। शासन के निर्देशानुसार गांव की समस्याओं को गांव स्तर पर हर शुक्रवार ग्राम चौपाल का आयोजन हो रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड शंकरगढ़ के शिवराजपुर में ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। जिसमें ग्रामीणों ने गांव की समस्याओं को प्रमुखता से रखा। साथ ही गांव के विकास प्लान के बारे में चर्चा की गई, ग्राम सभा में उठाए जाने वाले मुद्दों की सूची भी तैयार की गई। ग्रामीणों ने गांव में आरसीसी रोड, हर माह में चौपाल की बैठक, पानी की समस्या को दूर करना, राशन कार्ड बनने व नाम जोड़ने की समस्या को दूर करना, आवास, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन आदि समस्याओं का निराकरण करने और उन मुद्दों को ग्राम सभा में उठाए जाने की बात कही, साथ ही तालाब संधारण सहित अन्य समस्याओं को उठाए जाने की मांग की गई। चौपाल के दौरान ग्रामीणों से विकास खंड अधिकारी शंकरगढ़ रामविलास राय ने समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया और कहा कि दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन पंचायत सहायकों के माध्यम से ऑनलाइन करा कर समाज कल्याण विभाग सूची भेजी जा चुकी है। प्रधान प्रतिनिधि प्रभाकर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम सभा शिवराजपुर में कागज पर लगभग 50 बीघे सरकारी बंजर जमीन है जो अतिक्रमणकारियों के चंगुल में है जिले से लेकर तहसील तक कई बार प्रार्थना पत्र दिया गया यहां तक की तहसील दिवस में भी प्रार्थना पत्र देकर फरियाद लगाई गई मगर नतीजा जस का तस है। रकवा नंबर 558की 5 बीघे बंजर जमीन मियावाकी तकनीक के लिए चयनित की गई मगर अभी तक मियां बाकी तकनीक उद्यान नहीं लग सका। दुर्भाग्य है कि सचिवालय भी सरकारी तालाब पर निर्मित है। यहां तक कि आंगनवाड़ी केंद्र भी सचिवालय में ही नियमित लगाया जाता है मगर अभी तक शिवराजपुर में आंगनवाड़ी केंद्र का निर्माण नहीं हो सका वजह है कि सरकारी बंजर जमीन अतिक्रमणकारियों ने अतिक्रमण कर रखी है। कई बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद भी राजस्व विभाग द्वारा कोई सुनवाई न किए जाने से समस्याएं जस की तस बनी हुई है। आगे उन्होंने बताया कि एडीओ पंचायत शंकरगढ़ द्वारा अन्य ग्राम पंचायतों की अपेक्षा शिवराजपुर ग्राम पंचायत में सौतेला व्यवहार किया गया है जो भी संसाधन के सामान सचिवालय के लिए खरीदे गए वह भी घटिया किस्म के हैं यहां तक कि आज तक दरी नसीब नहीं है पानी पीने के लिए बर्तन नहीं, सूची में तमाम पात्रों को अपात्र कर दिया गया पात्र होते हुए भी उन्हें सूची में नहीं रखा गया, कहां तक कमियों को गिनवाऊं साहब यह तो मात्र नमूना है। आगे उन्होंने कहा कि खास बात यह है कि वीडियो शंकरगढ़ ने शिकायत को संज्ञान में लेते हुए जांच करा कर उपर्युक्त तमाम समस्याओं को तत्काल निस्तारण की बात कही है। इस बाबत खंड विकास अधिकारी शंकरगढ़ ने कहा कि ग्राम समाज या किसी तरह की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण क्षम्य नहीं है जो भी अतिक्रमण किए हैं वह उसे हटाने का काम करें नहीं तो फिर प्रशासन बलपूर्वक चिन्हित कर कब्जा हटाने का काम करेगा और नियमानुसार विधिक कार्यवाही भी की जाएगी। इस मौक़े पर खंड विकास अधिकारी शंकरगढ़ रामविलास राय, सचिव राजेंद्र कुमार मौर्य, पंचायत सहायक लक्ष्मी चतुर्वेदी, रोजगार सेवक अजीत त्रिपाठी, बीडीसी प्रतिनिधि ददुन तिवारी, आशा केसर कली, आशा सुषमा देवी, प्रधान प्रतिनिधि प्रभाकर सिंह, उमाशंकर त्रिपाठी, विकास तिवारी, अनारकली ,कलावती आदि तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।

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R. D. Diwedi


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