सलोरी कछार में निरीक्षण के दौरान नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे मिला, राहत शिविरों में भोजन-पानी सहित सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।
प्रयागराज। जिले में बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बुधवार को सलोरी कछार क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर बाढ़ की स्थिति और राहत तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर किसी भी परिस्थिति में आमजन को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों से नदी के जलस्तर, संवेदनशील क्षेत्रों तथा राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन प्रशासन को किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा।
नदी किनारे के क्षेत्रों में अलर्ट जारी
जिलाधिकारी ने बताया कि नदी के किनारे स्थित क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलस्तर में वृद्धि होने की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि यदि बाढ़ का पानी अधिक बढ़ता है तो बिना किसी देरी के बाढ़ राहत शिविरों में शिफ्ट हो जाएं।
एनडीआरएफ टीम लगातार कर रही निगरानी
जिलाधिकारी ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम लगातार भ्रमणशील रहकर स्थिति पर नजर रख रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है और इसके लिए सभी आवश्यक संसाधनों एवं व्यवस्थाओं को तैयार रखा जाए।
सभी राहत शिविर किए गए क्रियाशील
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में बाढ़ राहत शिविरों को क्रियाशील कर दिया गया है। उन्होंने राहत शिविरों में रहने वाले लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत शिविरों में गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त प्रकाश, आवश्यक दवाएं तथा अन्य जरूरी सुविधाएं हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए।
साफ-सफाई और दवाओं के छिड़काव के निर्देश
बाढ़ की स्थिति के बाद जलभराव और गंदगी से होने वाली समस्याओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र में नगर निगम तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतीराज विभाग को साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रभावित एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार दवाओं का छिड़काव कराने के निर्देश भी दिए, ताकि जलभराव के बाद संक्रमण और बीमारियों की आशंका को कम किया जा सके।
आमजन से सतर्क रहने की अपील
जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे नदी, नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोग सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों की ओर जाने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
प्रशासन की ओर से बाढ़ की संभावित स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और संबंधित विभागों को आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान बाढ़ एवं राहत कार्यों से संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को क्षेत्र की स्थिति और राहत तैयारियों से अवगत कराया।
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Prayagraj, Ouuta Pradesh
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