धाराएं कम करने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में सोरांव थाने के उपनिरीक्षक को एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ पकड़ा।
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रयागराज के सोरांव थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक को 25 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, सोरांव थाना क्षेत्र के ग्राम गहरपुर निवासी उदयराज पटेल और उनके परिजनों के खिलाफ दर्ज एक मुकदमे की विवेचना उपनिरीक्षक संयम जायसवाल कर रहे थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मुकदमे में धाराएं कम करने और राहत दिलाने के नाम पर 75 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
शिकायत के बाद बिछाया गया ट्रैप
बताया गया कि शिकायतकर्ता ने 17 जुलाई 2026 को प्रयागराज स्थित एंटी करप्शन यूनिट में लिखित शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन की 13 सदस्यीय स्पेशल ट्रैप टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई।
शनिवार दोपहर करीब 1:50 बजे, सोरांव थाने के बाहर स्थित एक चाय-पान की दुकान के पास शिकायतकर्ता ने कथित रिश्वत की पहली किस्त 25 हजार रुपये उपनिरीक्षक को सौंपी। इसी दौरान पहले से मौजूद ट्रैप टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में उन्हें पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
गिरफ्तार उपनिरीक्षक संयम जायसवाल वर्तमान में गंगानगर कमिश्नरेट, प्रयागराज के सोरांव थाने में तैनात थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें थाना शिवकुटी ले जाया गया, जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी
एंटी करप्शन टीम के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी तथा दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई के बाद विभिन्न थानों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
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Prayagraj, Ouuta Pradesh
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