समग्र शिक्षा के तहत छात्राओं ने कपड़ा निर्माण, मशीनों की कार्यप्रणाली और सौर ऊर्जा के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी ली
भीलवाड़ा। व्यावसायिक शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय छात्राओं को उद्योग का प्रत्यक्ष अनुभव कराने के उद्देश्य से महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, पुर की 61 छात्राओं का औद्योगिक भ्रमण कराया गया। कक्षा 9वीं और 10वीं की छात्राओं ने मांडल स्थित ब्राइट स्टाइल प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री पहुंचकर कपड़ा निर्माण, आधुनिक तकनीक और ऊर्जा संरक्षण की जानकारी प्राप्त की।
समग्र शिक्षा के अंतर्गत आयोजित इस औद्योगिक भ्रमण का उद्देश्य छात्राओं को कक्षा में प्राप्त व्यावसायिक शिक्षा का उद्योग जगत से सीधा व्यावहारिक अनुभव कराना रहा। फैक्ट्री में मशीनों की कार्यप्रणाली और कपड़ा तैयार होने की प्रक्रिया को करीब से देखकर छात्राओं को व्यावसायिक शिक्षा के वास्तविक स्वरूप को समझने का अवसर मिला।
हरी झंडी दिखाकर रवाना हुआ भ्रमण दल
व्यावसायिक प्रशिक्षक सुनीता पलोड़ ने बताया कि समग्र शिक्षा के तहत कक्षा 9वीं एवं 10वीं की 61 छात्राओं को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ते हुए औद्योगिक भ्रमण कराया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य इरशाद आलम काजी ने हरी झंडी दिखाकर छात्राओं के भ्रमण दल को रवाना किया। कौशल मित्र राजेश शर्मा, व्यावसायिक प्रशिक्षक सुनीता पलोड़ एवं भावना शर्मा के मार्गदर्शन में छात्राओं ने मांडल की ब्राइट स्टाइल प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री का भ्रमण किया।
धागे से कपड़ा तैयार होने की प्रक्रिया देखी
फैक्ट्री पहुंचने पर मालिक हरिप्रसाद अग्रवाल, फैक्ट्री इंचार्ज महावीर जैन एवं अकाउंट्स हेड सुरेंद्र कुमार डाड ने छात्राओं का स्वागत किया।
भ्रमण के दौरान छात्राओं ने धागे से कपड़ा तैयार होने की पूरी प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा। उन्होंने उद्योग में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक मशीनों, तकनीक और कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। फैक्ट्री के कामकाज को करीब से समझने के साथ छात्राओं ने व्यावसायिक शिक्षा और उद्योग जगत के बीच संबंध को भी जाना।
सौर ऊर्जा से विद्युत बचत और पर्यावरण संरक्षण की जानकारी
छात्राओं को फैक्ट्री में सौर ऊर्जा से संचालित एयर कंप्रेशर का अवलोकन कराया गया। इस दौरान उन्हें सौर ऊर्जा के उपयोग, विद्युत बचत और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
औद्योगिक भ्रमण के माध्यम से छात्राओं को यह समझने का अवसर मिला कि आधुनिक उद्योगों में ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों का किस प्रकार उपयोग किया जा रहा है।
महादेव मंदिर और 32 खंभों की छतरी भी देखी
औद्योगिक भ्रमण के बाद छात्राओं ने खंडेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन किए। इसके बाद मांडल स्थित ऐतिहासिक 32 खंभों की छतरी का भ्रमण किया और उसके ऐतिहासिक एवं स्थापत्य महत्व की जानकारी प्राप्त की।
भ्रमण दल के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई। विभिन्न गतिविधियों के बाद छात्राओं का दल वापस पुर के लिए रवाना हुआ।
व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास को मिला व्यावहारिक अनुभव
विद्यालय प्रशासन के अनुसार औद्योगिक भ्रमण के माध्यम से छात्राओं को व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास, आधुनिक तकनीक, उद्योग जगत की कार्यप्रणाली और सौर ऊर्जा के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराया गया।
इस तरह कक्षा में हासिल की गई जानकारी को उद्योग के वास्तविक वातावरण में देखने और समझने का छात्राओं को अवसर मिला, जिससे उनकी व्यावसायिक शिक्षा को व्यावहारिक आधार मिला।
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Bhilwara, Rajasthan
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