ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर पर राम कथा एवं संत समागम महोत्सव का आयोजनसीताराम विवाहकी कथा वृतांत


डीग, 15 जुलाई| शहर के ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर पर आयोजित हो रही श्री राम कथा महोत्सव एवं संत समागम के पांचवें दिन मंगलवार को व्यासपीठ पर विराजमान कथा प्रवक्ता पूज्य पंडित मुरारी लाल पाराशर ने सीताराम विवाह की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि सीतारामजी का विवाह भक्ति और ब्रह्म का गठजोड़ है श्रद्धा रूपी भक्ति के बिना ब्रह्म से मिलना असंभव है श्री सीताराम विवाह विश्व संस्कृति में मर्यादित , श्रेष्ठतम संस्कारित स्वरूप है ऐसा स्वरूप विश्व की किसी भी संस्कृति में अप्राप्य है प्रकृति और ब्रह्मांड के महानायक और नायिका का मिलन है।
पाराशर ने कथा के दौरान धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर एवं लक्ष्मण परशुराम संवाद की कथा का वृत्तांत सुनाया।
उन्होंने कहा कि प्रभु राम एवं लक्ष्मण तथा मुनि विश्वामित्र के साथ जनकपुर में आयोजित स्वयंवर में पहुंचे।जहां राजा जनक की शर्त के अनुसार सभी राजा भगवान शिव का धनुष उठाने का प्रयास करते हैं। जब कोई राजा धनुष नहीं उठा पता है तो राजा जनक कहते हैं कि लगता है कि यह धरती वीरों से खाली हो गई है ।राजा जनक की मायूसी देखकर ऋषि विश्वामित्र के इशारे करने पर भगवान श्री राम शिव जी के धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाते हैं ।तभी धनुष टूट जाता है ।इसके बाद माता सीता भगवान श्री राम के गले में वरमाला डाल देती है।इधर भगवान शंकर के धनुष की तोड़ने की खबर जैसे ही भगवान परशुराम को लगती है।तो वह तुरंत राजा जनक के दरबार में पहुंचते हैं।जहां लक्ष्मण एवं परशुराम का संवाद होता है परशुराम जी राजाओं की भारी भीड देखकर राजा जनक से पूछते हैं कि इतनी भीड़ कैसे काटती जुटी है जब राजा जनक उनको धनुष शिवजी की धनुष को टूटने के बारे में बताते हैं तो भगवान परशुराम क्रोध में आते हैं और क्रोध में लाल हो जाते हैं लक्ष्मण जी उनसे व्यंग्य करते हैं उनके यज्ञोपवीत को देखकर उनसे व्यंग्य करते हैं परशुराम जी और क्रोध होते हैं जब भगवान राम परशुराम जी को समझाते हैं कि इसमें हमारा कोई दोषनहीं है अंत में भगवान जब भृगु लता का चिन्ह भगवान दिखाते हैं तो परशुराम जी के हृदय की किवाड़ खुल जाते हैं और भगवान को प्रणाम करके धनुष बाण त्याग कर छोड़कर बन में तपस्या के लिए चले जाते हैं कथा में सीताराम विवाह पर श्रद्धालुओं ने बधाई गीतों पर नृत्य किया इस मौके पर भारत भूषण शर्मा, हरेश बंसल, सुंदर पाल ठेकेदार, नगर परिषद उपसभापति मनोहर लाल शर्मा, सुंदर सरपंच, राजा राम गुर्जर, छत्रपाल गुर्जर कैशियर, सचिन शर्मा, सहित सैकड़ो श्रद्धालु मौजूद रहे|

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