गुप्त नवरात्रि सत्संग में माया और परमात्मा के स्वरूप पर दिया आध्यात्मिक संदेश, शुक्रवार को सहस्त्र नामावली पाठ व विशेष अर्चन होगा।
भीलवाड़ा। रामधाम में गुप्त नवरात्रि के अवसर पर आयोजित विशेष सत्संग में दंडी स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान का संदेश देते हुए कहा कि ईश्वर मूल रूप से एक है, लेकिन माया के प्रभाव से वह अनेक रूपों में दिखाई देता है। उन्होंने सरल एवं प्रेरक उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि संसार में दिखाई देने वाला भेद केवल माया का भ्रम है, जबकि परमात्मा सर्वत्र समान रूप से विद्यमान है।
स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती ने अपने प्रवचन में सूर्य और जल से भरे पात्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे एक ही सूर्य अनेक पात्रों में अलग-अलग प्रतिबिंबित होता दिखाई देता है, उसी प्रकार एक ही परम चेतना सभी जीवों में विद्यमान है। जब शरीर नष्ट होता है तो केवल उसका प्रतिबिंब समाप्त होता है, परमात्मा का अस्तित्व कभी समाप्त नहीं होता।
उन्होंने श्रद्धालुओं से आध्यात्मिक चिंतन, आत्मज्ञान और ईश्वर भक्ति के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाने का आह्वान किया। सत्संग के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रवचन का श्रवण कर आध्यात्मिक संदेश ग्रहण किया।
शुक्रवार को होगा सहस्त्र नामावली पाठ
गुप्त नवरात्रि के उपलक्ष्य में रामधाम में धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला लगातार जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार सुबह 10 बजे से 11 बजे तक भगवान के सहस्त्र नामावली पाठ एवं विशेष अर्चन का आयोजन किया जाएगा।
धोती-कुर्ता रहेगा अनिवार्य
श्री रामधाम रामायण मंडल ट्रस्ट के अध्यक्ष सूर्य प्रकाश मानसिंहका एवं सचिव अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि विशेष अर्चन में भाग लेने वाले सभी पुरुष श्रद्धालुओं के लिए धोती-कुर्ता पहनना अनिवार्य रहेगा। पारंपरिक वेशभूषा में ही श्रद्धालुओं को अर्चन में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। इस सामूहिक धार्मिक आयोजन को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह बना हुआ है।
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Bhilwara, Rajasthan
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