बौंली। पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी तिथि राम नवमी 6 अप्रैल को रवि पुष्य नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी । पुष्य नक्षत्र को अत्यंत शुभ माना गया हैं। इस दिन पूजा-पाठ, हवन, दान-पुण्य और मंत्र जप करना शुभ होता हैं । आचार्य गौरी शंकर शर्मा बोरखेड़ा ने बताया कि रवि पुष्य योग में नए काम का शुभारंभ करना और खरीददारी करना शुभ माना गया हैं। रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र होने से रवि पुष्य योग बनता हैं । इस बार राम नवमी के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग,सुलक्ष्मी योग,मालव्य राजयोग,बुधादित्य राजयोग,सुकर्मा योग का निर्माण हो रहा हैं । राम नवमी के दिन भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया जाता हैं । इस दिन भगवान राम की पूजा करने के साथ घरों व मंदिरों में रामचरित मानस, हनुमान चालीसा,राम रक्षा स्त्रोत का पाठ किया जाता हैं। आचार्य गौरी शंकर शर्मा बोरखेड़ा ने बताया कि नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र को राजा माना गया हैं । पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि और उप स्वामी बृहस्पति हैं। इस बार 6 अप्रैल रविवार को पुष्य नक्षत्र 60 घटी यानी अहोरात्र तक रहेगा। राम नवमी के दिन भगवान राम की पूजा करने का समय सुबह 7:41 से 12:23 तक और इसके बाद 1:59 से 3:32 तक हैं ।

2014 से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं। 2015 से 2021 तक गंगापुर सिटी पोर्टल (G News Portal) का बतौर एडिटर सञ्चालन किया। 2017 से 2020 तक उन्होंने दैनिक समाचार पत्र राजस्थान खोज खबर में काम किया। 2021 से 2022 तक दैनिक भास्कर डिजिटल न्यूज और साधना न्यूज़ में। 2021 से अब तक वे आवाज आपकी न्यूज पोर्टल और गंगापुर हलचल (साप्ताहिक समाचार पत्र) में संपादक और पत्रकार हैं। साथ ही स्वतंत्र पत्रकार हैं।