शहीद अशफाक उल्ला खान को किया याद
सवाई माधोपुर 19 दिसम्बर। शहीद अशफाक उल्ला खान के शहादत दिवस के अवसर पर मंगलवार शाम को वतन फाउंडेशन हमारा पैगाम भाईचारे के नाम के द्वारा शाम को सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन सर्कुलेटिंग एरिया में फाउंडेशन के सदस्य एवं अन्य लोगों द्वारा कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि दी गई।
फाउंडेशन के प्रवक्ता मोइन खान ने बताया कि मंगलवार की शाम देशभक्ति गीतों और गगनभेदी नारों के साथ अशफाक उल्ला खान को कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर फाउंडेशन के हुसैन आर्मी ने खान को याद करते हुए बताया कि ऐतिहासिक काकोरी काण्ड में अपने अदम्य उत्साह और साहस का परिचय देकर अंग्रेजों के पसीने ला दिए। इस दौरान वे पुलिस के हाथ न आए मगर एक विश्वासघात के चलते अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। ब्रिटिश हुकूमत ने उनके पकड़े जाने के बाद उन्हें जेल में कठोर यातनाएं दी और सरकारी गवाह बनाने की भरपूर कोशिश की। लेकिन अशफाक उल्ला खां न यातनाओं में टूटे न उनके क्रान्ति के उत्साह में कमी आई। उन्होंने हुकूमत के हर प्रस्ताव को ठुकरा दिया। कैलाश सिसोदिया ने बताया कि अशफाक उल्ला खां भारत मां के शेर सपूतों की फेहरिस्त में सबसे आगे थे। उन्होंने फांसी के फंदे को गले का हार बनाया और ब्रिटिश हुकूमत ने 19 दिसम्बर, 1927 को अशफाक उल्ला खां को फैजाबाद जेल में फांसी दे दी।
जुगराज बुद्धिस्ट ने कहा कि टीम द्वारा विभिन्न जयंती तथा पुण्यतिथि के अवसर पर इसी प्रकार महापुरुषों को याद किया जाता रहेगा ताकि आम जन में महापुरुषों द्वारा किए गए कार्यों को जिंदा रखा जा सके एवं लोग उनकी जीवनी से प्रेरणा ले सकें।
इस अवसर पर फाउंडेशन के सदस्य जुगराज बुद्धिस्ट, सदिल खान, कैलाश सिसोदिया, आसिफ, विमल, अमीन, सलीम शेख, नरेंद्र शर्मा, घनश्याम बैरवा, मुन्ना खान, अयूब खान, शाहरुख खान, अली हुसैन आदि सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

2014 से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं। 2015 से 2021 तक गंगापुर सिटी पोर्टल (G News Portal) का बतौर एडिटर सञ्चालन किया। 2017 से 2020 तक उन्होंने दैनिक समाचार पत्र राजस्थान खोज खबर में काम किया। 2021 से 2022 तक दैनिक भास्कर डिजिटल न्यूज और साधना न्यूज़ में। 2021 से अब तक वे आवाज आपकी न्यूज पोर्टल और गंगापुर हलचल (साप्ताहिक समाचार पत्र) में संपादक और पत्रकार हैं। साथ ही स्वतंत्र पत्रकार हैं।