“योग को जीवन का हिस्सा बनाने से बीमारियों से मिलेगी मुक्ति” – उमाशंकर; बड़ी संख्या में साधक उठा रहे लाभ
भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल) ‘स्वास्थ्य ही धन है’ के मूल मंत्र को सार्थक करने के उद्देश्य से भीलवाड़ा के काशीपुरी-वकील कॉलोनी स्थित माहेश्वरी भवन में योग की विशेष लहर चल रही है। बिहार वेद एवं योग विज्ञान संस्थान, श्री केशव स्मृति सेवा प्रन्यास और महेश समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह योग शिविर क्षेत्रवासियों के लिए शारीरिक और मानसिक ऊर्जा का केंद्र बन गया है।
आत्म-साक्षात्कार और अनुशासन का मार्ग है योग
शिविर के दौरान योगाचार्य उमाशंकर भाई ने साधकों को संबोधित करते हुए योग की महत्ता को गहराई से समझाया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम या शरीर को लचीला बनाना नहीं है, बल्कि यह अनुशासन और आत्म-साक्षात्कार का मार्ग है। उमाशंकर ने जोर दिया कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में यदि व्यक्ति थोड़ा समय योग के लिए निकाल ले, तो वह न केवल असाध्य बीमारियों से बचा रहेगा, बल्कि पूरे दिन सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहेगा।
ब्रह्म मुहूर्त में प्राणायाम का महत्व
योगाचार्य ने विशेष रूप से प्राणायाम पर चर्चा करते हुए बताया कि वर्तमान के प्रदूषित वातावरण में प्राणायाम हमारे फेफड़ों और हृदय के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है। गौरतलब है कि शिविर का समय प्रतिदिन प्रातः 5:45 बजे रखा गया है, ताकि साधक ब्रह्म मुहूर्त की शुद्ध और ताजी वायु का पूर्ण लाभ उठा सकें।
क्षेत्रवासियों से अपील: योग करें, निरोग रहें
श्री केशव स्मृति सेवा प्रन्यास एवं महेश समिति ने समस्त भीलवाड़ा वासियों से इस स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। माहेश्वरी भवन के भव्य परिसर में नियमित रूप से संचालित इन कक्षाओं में साधकों की बढ़ती संख्या स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का प्रमाण दे रही है। समिति का संकल्प है कि हर व्यक्ति ‘योग करें, निरोग रहें’ के मंत्र को अपने जीवन में उतारे।
