मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौपा 22 सूत्रीय मांग का ज्ञापन
बांसवाड़ा।अरुण जोशी। भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेश नेतृत्व के निर्णयानुसार जिला शाखा बांसवाडा द्वारा संभाग संगठन मंत्री गमीरचंद पाटीदार एवं जिलाध्यक्ष श्री अनिल पंड्या के नेतृत्व में महासंघ का बाइस सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री राजीव द्विवेदी को ज्ञापन सौपा।इस अवसर पर जिला महामंत्री रमेश व्यास,जिला संगठन मंत्री वनेश्वर गर्ग, यज्ञदत्त जोशी,जयेश भावसार, किशोर पंचाल, पंकज भट्ट,कपिल भट्ट,शैलेश उपाध्याय उपस्थित रहे।
महासंघ के जिला महामंत्री रमेश व्यास ने बताया कि ज्ञापन में प्रमुख रूप से कर्मचारियों की समस्याओं समाधान के मांग की गई । जिसमे खेमराज समिति की रिपोर्ट के आधार पर कर्मचारियों के विभिन्न संवर्गो की वेतन व पदोन्नतियों की विसंगतियो,असमान अवसरों का समयबद्ध निदान करने, 10-15 वर्षों से कार्यरत मानदेय कर्मियों को श्रम विभाग की दरों पर न्यूनतम मजदूरी दी जा रही है।इन्हें केन्द्र सरकार के आदेश दिनांक 26.09.2024 द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दरों पर मानदेय दिया जाये।साथ ही तीन वर्ष की सेवा पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त मानदेय दिए जावे, मंत्रालयिक कर्मचारियों हेतु निदेशालय की स्थापना की जावे तथा उन्हें सचिवालय के समान 18 वर्ष की सेवा पर 4200 ग्रेड पे एसीपी स्वीकृत किये जाने एवं कनिष्ठ सहायक के पद की योग्यता अभिवृद्धि के फलस्वरूप वेतन में अभिवृद्धि 1.7.2013 से की गई थी, जिससे शेडयूल 5 में संशोधन कर वापस लिया गया।जिसे पुन बहाल किया जावे,समस्त कर्मचारियों की 8/16/24/32 वर्ष की सेवा पर समयबद्ध पदौन्नति / एसीपी की घोषणा की जावे । कई पद जैसे अध्यापक तृतीय श्रेणी (जैसे एसटीसी योग्यता धारी व लेवल 2 के कुछ विषय वाणिज्य कृषि चित्रकला शिक्षक) की 30 वर्ष के सेवा के बाद भी पदोन्नति नहीं होती। उनके वेतन उन्नयन के पर्याप्त अवसर न होने से अन्य संवर्ग की तुलना में पीछे रह जाते है। अतः समयबद्ध रूप से 3 के स्थान पर 4 एसीपी स्वीकृति किये जाने की जावें, आरजीएचएस योजना के तहत समय पर दवा विक्रेताओ को भुगतान के अभाव में उक्त योजना के लाभार्थियो को दवा का विक्रय बन्द कर दिया जाता हैं। इस प्रकार कई अस्पताल ईलाज करने से मना कर देते है। इसके निदान हेतु आरजीएचएस शिकायत पोर्टल प्रारम्भ किया जावे, राज्य सरकार द्वारा लेखानुदान में कार्मिकों व पेंशनर्स हेतु दवाइयो की डोर स्टेप डिलिवरी की घोषणा की गई थी, परन्तु उक्त योजना का क्रियान्वयन नहीं से पेंशनर्स एवं कार्मिको को उपयुक्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। सेवानिवृत कार्मिकों के लिए अलग डेस्क की चिकित्सालयो में व्यवस्था की जावे। औषधि भण्डार से सुगमता से दवाई उपलब्ध कराई जावे। प्रबोधक सवर्ग हेतु पदौन्नति हेतु वरिष्ठ प्रबोधक का द्वितीय श्रेणी अध्यापक के समकक्ष कार्य दायित्व निर्धारण करते हुए मिडिल स्कूल हैडमास्टर अथवा सैकण्डरी सैटअप में विषय अध्यापक के पदों पर लगाया जावे। वरिष्ठ प्रबोधक से व्याख्याता पद पर पदोन्नति हेतु कोटा निर्धारित किया जावे। प्रबोधक सवर्ग के शारीरिक शिक्षक संवर्ग के प्रबोधको को पदोन्नति का लाभ नहीं दिये गया, उक्त प्रबोधकों के लिए पदोन्नति हेतु प्रावधान किये जावें। प्रयोगशाला सहायक को अध्यापक के पद पर समायोजित किये गए है उन्हें शिक्षको के समान चयनित वेतनमान दिए जावे। राज्य सेवा के पदों पर पदौन्नति हेतु विभिन्न सेवा नियमों में अलग-अलग प्रावधान किये गये है, राजस्थान प्रशासनिक, राजस्थान पुलिस सेवा एवं अन्य सेवाओं में जहाँ राज्य सेवा में पदोन्नति हेतु पदो की गणना पूर्ण सवर्ग के आधार पर की जाती है वही राजस्थान लेखा सेवा में जूनियर स्केल के पदो की संख्या के आधार पर। इसे कारण अधीनस्थ सेवा से पदोन्नत होने वाले कार्मिकों को हानि उठानी पढ़ती है। साथ ही उक्त संवर्ग में जूनियर स्केल के पदो पर कार्यरत कार्मिकों को पदोन्नति पद 02 वर्ष की छूट दी जाकर पदोन्नत कर दिया जाता है एव छूट के फलस्वरूप लेखाधिकारी के पदो पर सीधी भर्ती कर ली जाती है। इससे संवर्ग में अधीनस्थ लेखा सेवा से पदोन्नत कार्मिकों हेतु सीमित अवसर ही पदोन्नति के रह गये है। अत राज्य के जूनियर पद से पदोन्नति हेतु न्यूनतम अवधि में छूट दिये जाने पर रोक लगाई जायें।रिटायरमेन्ट दिवस पर ही पेशन परिलाभों व पारिवारिक पेशन की स्वीकृतियां ऑनलाईन जारी करने व पेंशन संबंधित तमाम राशियों का भुगतान 1 माह के भीतर किया जावे। राज्य के नर्सिंग कर्मियो हेतु केन्द्र के सामान वेतनमान, नर्सिंग निदेशालय की स्थापना, वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी के पद को राजपत्रित घोषित किया जाना, कॉटर रिव्यू करने जैसी मांगे लम्बे समय से लम्बित है। सम्बद्ध पदोन्नतियां प्रदान करने । विश्वविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों को राज्य सरकार के समान पूर्ण पेंशन का भुगतान किया जावे। साथ ही 2020 के बाद सेवानिवृत कर्मचारियों को उनके परिलाभ का पुननिर्धारण कर एरियर राशि का भुगतान किया जावे। आयुष नर्सेज को पूर्व में मेडिकल नर्सेज के सामन वेतनमान का लाभ देय था, जिसमे जुलाई 2013 से विभिन्न कर दी गई। उक्त विभिन्नता को समाप्त किया जाकर मेडिकल नर्सेज के समान वेतनमान एवं वेतन भत्तों का लाभ दिया जावें। साथ ही पद नाम परिवर्तन कर नर्सिंग आफिसर आयुष पद नाम किया जायें। राजस्थान शिक्षा कर्मी बोर्ड के राजस्थान स्कूल शिक्षा सवर्ग के समायोजित कर्मचारियों को 25-30 वर्ष की सेवा पर भी पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है।इन्हें पदोन्नति प्रदान की जावे। इससे किसी प्रकार का आर्थिक भी नहीं पड़ेगा। लोक जुम्बिश कर्मचारी जिन्हे राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् में मर्ज किया गया है को प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वेतनवृद्धि दी जाती है, इस वर्ष उक्त कर्मियों को वेतन वृद्धि का लाभ नहीं दिया गया है। ना ही सातवें वेतन आयोग के क्रम में अभिवृद्धि स्वीकृत की गई है। ऐसे कर्मियों को 7 वें वेतनमान के तहत फिटमेन्ट का लाभ दिये जाने एवं नियमित वेतन वृद्धि घोषणा की जावे।कर्मचारी कल्याण बोर्ड की स्थापना की जावे। लेब सहायक (प्रयोगशाला सहायक), चिकित्सा विभाग सीधी भर्ती 2018 दिनांक 05.08.2022 में लेब सहायक (L.A.) की नियुक्ति के 2 वर्ष के परिवीक्षाकाल में 6 माह का ब्रिज कोर्स करवाया जाना था जो अभी तक नहीं हुआ। अतः अतिशीघ्र 6 माह का ब्रिज कोर्स करवाया जायें। ग्राम प्रतिहारियों (पटवार सहायक) के लिए सरकार के आदेश कमांक 723 दिनांक 20.01.2017 के अनुसार 5250/- रू. वेतनमान को लागू करते हुये इन्हें अल्पकालिक कार्मिक से पूर्णकालिक कार्मिक करने की घोषणा की थी जिसका क्रियान्वयन अब तक नही हुआ है।समाधान करवाया जावे।