जयपुर 18 मई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती शुभ्रा सिंह ने कहा कि विगत कुछ वर्षों में गैर संचारी रोगों में कैसर जैसे गंभीर बीमारी का तेजी से प्रसार हुआ है और यह मृत्यु के प्रमुख कारणों के रूप में उभरा है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में इसका गुणवत्तापूर्ण उपचार सस्ता एवं सुलभ हो। इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सभी संबंधित एजेंसियों का सहयोग लेते हुए रोडमैप बनाएगा।
श्रीमती सिंह शुक्रवार को फिक्की ओर से आयोजित रोड मैप फॉर मेकिंग कैंसर केयर अफोर्डेबल एण्ड एक्सीसिबल इन इंडिया राजस्थान राउण्ड टेबल कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि कैंसर एक ऐसी जटिल बीमारी है, जो न केवल रोगी, बल्कि उसके पूरे परिवार को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करती है। महंगे और लंबे उपचार के कारण पूरा परिवार इस बीमारी की पीड़ा झेलता है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि आंकड़ों के अनुसार दुनिया में 17.9 प्रतिशत, भारत में 9.9 प्रतिशत तथा राजस्थान में 9.3 मृत्यु कैंसर के कारण होती है। उन्होंने कहा कि कैंसर रोग की शीघ्र पहचान होने पर उसका उपचार कर रोगी को बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा लीवर कैंसर की रोकथाम के लिए हैपेटाइटिस-बी का टीका लगाया जा रहा है। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी के टीके को यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों से लेकर उपस्वास्थ्य केन्द्र तक तीन प्रकार के कॉमन कैंसर जैसे ऑरल, ब्रेस्ट एवं सर्विकल कैंसर की स्क्रीनिंग भी नियमित रूप से की जा रही है। विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान प्रदेश में एक करोड़ से अधिक लोगों की कैंसर स्क्रीनिंग की गई।
श्रीमती सिंह ने कहा कि अजमेर, बीकानेर, भतरपुर, कोटा, जोधपुर एवं उदयपुर जोन हैडक्वार्टर पर एक-एक कैंसर वैन तथा जयपुर में दो सहित कुल 8 कैंसर वैन संचालित की जा रही हैं। इस वैन में मेमोग्राफी, एक्सरे मशीन, कोलको स्कोपी, एण्डोस्कोपी के उपकरण उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि सीएसआर के माध्यम से इन कैंसर वैन की संख्या को बढ़ाकर जोन स्तर तक उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिलों में कैंसर यूनिट संचालित की जा रही है। जिला चिकित्सालयों से एक चिकित्साधिकारी व दो स्टाफ नर्स को एशियन कैंसर इंस्टीटयूट मुम्बई से विशेष प्रशिक्षण करवाकर जिलों में संचालित कैंसर केयर यूनिट में पदस्थापित किया गया है। जयपुर में अपेक्स कैंसर इंस्टीट्यूट, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, बीकानेर एवं झालावाड़ में टर्सरी कैंसर सेन्टर संचालित हैं। साथ ही जयपुर एवं बीकानेर में पीईटी स्केन की सुविधा भी उपलब्ध है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि आईसीएमआर-एनसीडीआईआर बैंगलोर के तकनीकी सहयोग से कैंसर मरीजों के प्रमाणित डाटा के लिए कैंसर के संबंध में पॉलिसी तैयार की जा रही है।
कार्यक्रम में कैंसर केयर पर फिक्की टास्क फोर्स के राजगोरे एवं विनित गुप्ता ने कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। हैल्थ केयर सर्विसेज श्रीमयी चक्रवर्ती ने राजस्थान में कैंसर केयर इन्फ्रास्ट्रक्चर विषय पर प्रजेंटेशन दिया। अन्त में फिक्की के सहायक सचिव प्रवीण मित्तल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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