दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर धाधरैन फाटक पर 33 करोड़ रुपए से बनेगा आरओबी


30 गांवों के लोगों की राह होगी सुगम, ओवरब्रिज बनने से जाम की समस्या से मिलेगी निजात

बयाना 25 जुलाई। दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर धाधरैन के रेल फाटक पर 33 करोड़ की लागत से आरओबी का निर्माण कार्य कराया जाएगा। रेलवे की ओर से ट्रेनों की गति बढ़ाने का काम तीव्रता से किया जा रहा है। ऐसे में रेल मार्गों पर बने रेल फाटकों को बंद कर आरओबी एवं अंडरपास बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। इस काम से जहां ट्रेनों की आवाजाही में कोई व्यवधान नहीं होगा, वहीं लोगों की राह भी सुगम हो सकेगी। क्योंकि ट्रेनों की आवाजाही के दौरान रेल फाटक बंद होने से लोगों को देरी के साथ जाम की समस्या से भी जूझना पड़ता है। कई बार तो एक-एक घंटे तक जाम में फंसे रहने की मजबूरी बन जाती है। अब रेलवे की ओर से धाधरैन के पास रेल फाटक पर आरओबी निर्माण की कवायद शुरु कर दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि एक सप्ताह के अंदर काम शुरु हो जाएगा। करीब एक साल में काम पूरा होने पर इस रेल फाटक से जुड़े 30 से अधिक गांवों की राह सुगम हो सकेगी।आरओबी निर्माण से जुड़े एक कंपनी के मैनेजर अनुराग गुप्ता ने बताया कि धाधरैन में स्थित मदनपुर फाटक पर आगामी सप्ताह में करीब 33 करोड़ रुपए की लागत से रेल ओवरब्रिज का निर्माण शुरू होगा। आरओबी बनने के बाद रेल फाटक को समाप्त कर दिया जाएगा। गांव धाधरैन में दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर साढ़े आठ मीटर चौड़ा एवं 950 मीटर लंबा आरओबी बनाया जाएगा। रेल ओवर ब्रिज बनने से नहरा क्षेत्र के करीब 30 गांवों के ग्रामीणों को फायदा मिलेगा। गांव धाधरैन में आरओबी बनाने की जिम्मेदारी सरकार ने इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट इंडिया लिमिटेड को दी है। फाटक संख्या 211 पर रेल ओवर ब्रिज बनाने के लिए सरकार ने करीब 33 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है। आरओबी निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। बाला भारती कंपनी जयपुर की ओर से आरओबी बनाया जाएगा।आरओबी बनाने की पूरी कार्य योजना तैयार कर ली गई है। आरओबी निर्माण का कार्य पूरा करने की तय अवधि एक साल रखी गई है।
30 गांवों के लोगों को जाम की समस्या से मिलेगी निजात: – आरओबी बनने से 30 से अधिक गांवों के ग्रामीणों को रेल फाटक पर आए दिन लगने वाले जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा। दिल्ली-मुंबई बड़ी रेलवे लाइन पर ट्रेनों का अधिक दबाव होने के कारण गांव धाधरैन का रेल फाटक 24 घंटों में से करीब 16 घंटे तक बंद रहता है। फाटक बंद रहने पर जहां ग्रामीणों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। वहीं मरीजों व प्रसूताओं को अस्पताल ले जाने में देरी हो जाती है। कई बार गंभीर मरीजों व प्रसूताओं की समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण मौत भी हो जाती है। गांव धाधरैन में रेल ओवरब्रिज बनने से मदनपुर, अड्डा, खूंटखेड़ा, ज्ञानी का नगला, खिरकवास, पाटका, चीखरू, नगला फागना, चौधरिया का नगला सहित 30 से अधिक गांवों की राह आसान होगी।


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