नानी बाई के मायरो कथा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
गंगापुर सिटी|विजय पैलेस में तीन दिवसीय नानी बाई का मायरो नरसी भगत की कथा का आयोजन राष्ट्रीय कथावाचक गोविंद भैया जी के मुखारविंद से मार्मिक ढंग से किया जा रहा है शनिवार को कथा में नरसी भगत के जोशी द्वारा पत्र का लाना नरसी भगत द्वारा पत्री को ठाकुर जी के चरणों में अर्पण करना अपने सूरदास साधु संतों के साथ बेटी के यहां मायरा भरने के लिए जाने का प्रसंग बहुत ही रोचक ढंग से सुनाया आचार्य ने कहा कि नरसी भगत द्वारा पत्री को सांवरिया के चरणों में रख कर कहा कि सांवरिया थारो नाम हजार में क्या लिखूं तुमको पत्री जो मायरो भरेगा वही पत्रिका खुलेगा आचार्य ने कहा कि संतों में चर्चा कर ध्यानचंद मान दास ज्ञान दास नरसी भगत से कहा कि बेटी के मायरा भरने के लिए चलना है कपड़ों की कोई कमी नहीं है सबा मन गोपीचंद की व्यवस्था माला कंठी लेकर नरसी भगत ने टूटी फूटी गाड़ी की व्यवस्था की इस कथा को भाई से भाई को जोड़कर दृष्टांत पूर्वक भजनों के माध्यम से बताया नरसी भगत एवं साधु संतों की टूटी-फूटी बेलगाड़ी खराब होने पर कृष्ण नाम का खाती आने की कथा का प्रसंग सुनते हुए कहा कि परमात्मा के ऊपर पूर्ण रूप से भरोसा होना चाहिए तब ही परमात्मा भक्त की पुकार सुनते हैं कृष्ण खाती बने ठाकुर जी ने संत और नरसी भगत को विश्वास दिलाया कि गाड़ी में ठीक कर दूंगा और और भात में पूर्ण पगला रुपया पैसा भी दूंगा नरसी भगत की बेटी के सुसराल पहुंचने की कथा उनके स्वागत सत्कार का प्रसंग मार्मिक और रोचक ढंग से सुनते हुए कहा आचार्य ने कहा कि नानी बाई अपनी बेटी को लेकर पिता से मिलने पहुंचती है तब ससुराल वाले ताना मारते हैं कि तन तंबूरे लेकर के आया है यह साधु संत सन्यासी क्या मायरो भरेगा आचार्य द्वारा नानी बाई का रो रो कर सांवरिया को तोता के द्वारा संदेश और पत्र भेजना तालाब के किनारे पहुंचकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने पर सांवरिया रुक्मणी का आगमन और नानी बाई का हाथ पकड़ कर कहना कि अभी तेरा भाई मौजूद है चिंता ना कर और घर जा और भात भरण की तैयारी कर आचार्य द्वारा इस कथा को इतने रोचक और मार्मिक ढंग से भजनों के माध्यम से सुनाया कि महिलाएं और दर्शकों की आंखें नम हो गई सांवरिया द्वारा नानी बाई के मायरो में 56 करोड़ की भात भरण की कथा का प्रसंग पर आचार्य बोले भगवान भक्तों की लाज रखने के लिए जिस रूप में भी उन्हें याद करो दोड़े आते हैं इससे पूर्व प्रातः 10:30 बजे बालाजी चौक से भगवान सांवरिया रुक्मणी जी के साथ रथ पर सवार होकर गाजे बाजे ढोल नगाड़ा के साथ नानी बाई को मेरा भरने के लिए कथा स्थल विजय पैलेस के लिए मुख्य बाजारों से होते जुलूस के रूप में भक्तों के साथ मायरा लेकर चले साथ में आचार्य महाराज गोविंद भैया जी रथ पर विराजमान थे शोभायात्रा में राधामोहन गोयल बड़े भ्राता मोतीलाल गोयल बाबूलाल गोयल रामदयाल गोयल घनश्याम दास बजाज महेंद्र गर्ग नितेश गोयल रवि गुप्ता सहित परिवार के एवं समाज के और श्रद्धालुओं का जुलूस नाचते गाते हुए चल रहा था मायरो शोभा यात्रा का चौपड़ बाजार देवी स्टोर चौराहे पर वेद प्रकाश मंगल सहित सभी व्यापारियों द्वारा पुष्प वर्षा कर अल्पाहार के साथ स्वागत किया इसी प्रकार पुरानी अनाज मंडी सहित जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई कथावाचक द्वारा कथा समापन पर कहा की इस कथा से हमें यही शिक्षा मिलती है कि किसी भी संकट और चिंता में भगवान का चिंतन करें तो चिंता का समाप्त होना निश्चित है सांसारिक कार्य करने के साथ सभी को परमात्मा परमेश्वर का ध्यान अवश्य करना चाहिए
2014 से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं। 2015 से 2021 तक गंगापुर सिटी पोर्टल (G News Portal) का बतौर एडिटर सञ्चालन किया। 2017 से 2020 तक उन्होंने दैनिक समाचार पत्र राजस्थान खोज खबर में काम किया। 2021 से 2022 तक दैनिक भास्कर डिजिटल न्यूज और साधना न्यूज़ में। 2021 से अब तक वे आवाज आपकी न्यूज पोर्टल और गंगापुर हलचल (साप्ताहिक समाचार पत्र) में संपादक और पत्रकार हैं। साथ ही स्वतंत्र पत्रकार हैं।