सवाई माधोपुर में ‘सशक्त युवा, सशक्त भारत’ पर विधिक जागरूकता शिविर


नालसा जागृति योजना 2025 के तहत नर्सिंग विद्यार्थियों को कानूनी अधिकार, महिला सुरक्षा, बाल विवाह और रैगिंग के प्रावधान बताए गए।

सवाई माधोपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सवाई माधोपुर के तत्वावधान में शुक्रवार, 14 अगस्त को गुलशन कॉलेज ऑफ नर्सिंग, सवाई माधोपुर में नालसा जागृति योजना 2025 के तहत ‘सशक्त युवा, सशक्त भारत’ विषय पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।

शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम, पैनल अधिवक्ता अभय कुमार गुप्ता, असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत, अधिकार मित्र मगनलाल मीना सहित कॉलेज के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में नर्सिंग विद्यार्थी उपस्थित रहे।

युवाओं को कानूनी अधिकारों और निःशुल्क सहायता की जानकारी

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने नर्सिंग विद्यार्थियों को नालसा जागृति योजना 2025 के तहत चलाए जा रहे ‘सशक्त युवा, सशक्त भारत’ अभियान की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य युवाओं को उनके कानूनी अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें न्याय व्यवस्था और उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी प्रदान करना है।

उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरणों एवं विधिक सेवा समितियों के माध्यम से उपलब्ध निःशुल्क विधिक सलाह एवं सहायता के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों और कॉलेज स्टाफ से स्वयं जागरूक बनने तथा आसपास के लोगों को भी उनके अधिकारों और कानून के प्रति जागरूक करने की अपील की।

समीक्षा गौतम ने समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया।

POSH और POCSO एक्ट के प्रावधान बताए

पैनल अधिवक्ता अभय कुमार गुप्ता ने कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 यानी POSH Act के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी।

इसके साथ ही उन्होंने लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act) से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों के बारे में भी विद्यार्थियों को बताया।

बाल विवाह और रैगिंग के कानून पर हुई चर्चा

असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत ने बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह के मामले में सजा, पीड़ितों को उपलब्ध कानूनी सहायता तथा बाल विवाह की शिकायतों के निवारण में विधिक सेवा प्राधिकरणों और विधिक सेवा समितियों की भूमिका के बारे में बताया।

उन्होंने रैगिंग के प्रकार, उसके दुष्परिणाम और रैगिंग के मामले में सजा के प्रावधानों की जानकारी भी दी। साथ ही किशोर न्याय बोर्ड की कार्यप्रणाली के बारे में विद्यार्थियों को समझाया।

विद्यार्थियों ने पूछे कानूनी सवाल

शिविर के दौरान नर्सिंग विद्यार्थियों ने विभिन्न कानूनी विषयों से जुड़े सवाल पूछे। उपस्थित विधिक विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का जवाब देते हुए संबंधित कानूनों और उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी।

दहेज और घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूकता का संदेश

अलीम आजाद मेमोरियल सोसायटी के सचिव डॉ. अजीजुद्दीन आजाद ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं से दहेज प्रथा का विरोध करने तथा घरेलू हिंसा और शोषण के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी यदि कानून और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहेगी तो सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ प्रभावी बदलाव लाया जा सकता है।

कॉलेज स्टाफ और विद्यार्थी रहे मौजूद

शिविर में गुलशन कॉलेज ऑफ नर्सिंग के प्राचार्य कृष्ण कुमार गर्ग, असिस्टेंट प्रोफेसर प्रशान्त जैमिनी, हेमन्त सैनी, शुभम वैष्णव, शिक्षक राजेश जैलिया, हरदीप बैरवा, नवल बैरवा, शेख दिलशाद अहमद, मोहम्मद नायाब सहित बड़ी संख्या में नर्सिंग विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को कानून की जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग बनाना तथा समाज में विधिक जागरूकता को मजबूत करना रहा।

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