सवाई माधोपुर में स्थाई लोक अदालत और विधिक सेवा योजनाओं पर जागरूकता शिविर


जिला परिषद सभागार में आयोजित शिविर में हिट एंड रन मुआवजा, एसिड अटैक पीड़ितों की सहायता और असंगठित श्रमिकों के कानूनी अधिकारों की दी जानकारी

सवाई माधोपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सवाई माधोपुर के तत्वावधान में जिला परिषद सभागार में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में स्थाई लोक अदालत की कार्यप्रणाली और विभिन्न विधिक सेवा योजनाओं की जानकारी देकर आमजन एवं कर्मचारियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।

स्थाई लोक अदालत की कार्यप्रणाली और उपयोगिता बताई

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने स्थाई लोक अदालत के कार्यक्षेत्र और कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्थाई लोक अदालत जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के सरल एवं सुलभ समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है।

इसके कार्यक्षेत्र में जल, विद्युत, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बैंक एवं वित्तीय सेवाओं, डाक, टेलीफोन और परिवहन सेवाओं से संबंधित विवाद शामिल हैं। पात्र मामलों में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार विवादों का निस्तारण कराया जा सकता है।

हिट एंड रन पीड़ितों के मुआवजे की जानकारी

सचिव समीक्षा गौतम ने हिट एंड रन मोटर दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा योजना, 2022 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अज्ञात वाहन से हुई दुर्घटना के पीड़ितों को योजना के प्रावधानों के अनुसार मुआवजा दिया जाता है।

योजना के तहत सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर मृतक के आश्रित को 2 लाख रुपये तथा घायल होने पर 50 हजार रुपये मुआवजा देय है। उन्होंने पात्र पीड़ितों और उनके परिजनों को योजना के प्रावधानों की जानकारी प्राप्त कर लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

एसिड अटैक पीड़ितों के अधिकारों पर चर्चा

शिविर में नालसा की एसिड हमले के पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं योजना के उद्देश्य और प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। इसमें पीड़ितों को मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता, मुआवजा, चिकित्सा सहायता और पुनर्वास संबंधी सुविधाओं पर चर्चा की गई।

साथ ही पात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन प्रक्रिया समझाई गई और एसिड हमले से प्रभावित लोगों के अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।

असंगठित श्रमिकों को कानूनी सहायता की जानकारी

कार्यक्रम में नालसा (असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विधिक सेवाएं) योजना, 2015 के संबंध में भी जानकारी दी गई। सचिव ने बताया कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और निःशुल्क विधिक सहायता के प्रति जागरूक करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर श्रमिक संबंधित विधिक सेवा संस्थाओं से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

विधिक सेवा योजनाओं की जानकारी देने के लिए लगाई कैनोपी

स्थाई लोक अदालत की सदस्य जूली खंडेलवाल ने भी अदालत की कार्यप्रणाली और उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।

शिविर में जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलेन्द्र सिंह, पैनल अधिवक्ता अभय कुमार गुप्ता और नंदकिशोर बैरवा सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस दौरान अधिकार मित्र मुकेश कुमार शर्मा, बुनियाद अली, धनराज मीना और गिर्राज रैगर ने कैनोपी लगाकर आमजन को विभिन्न विधिक सेवा योजनाओं की जानकारी दी।

शिविर का उद्देश्य पात्र व्यक्तियों तक निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाना, कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना रहा।

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