अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन


सवाई माधोपुर, 29 जुलाई। अन्तर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर आमजन में बाघ संरक्षण हेतु जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से “बाघों को बचाएं” थीम पर बाघ संरक्षण संगोष्ठी का आयोजन सोमवार को जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव के मुख्य आतिथ्य में रणथम्भौर नेशनल रिसोर्ट में हुआ।
जिला कलक्टर ने कहा कि वन एवं वन्य जीव धरती पर प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। मानव, पर्यावरण और वन्यजीव एक-दूसरे के पूरक हैं। बदलते परिवेश में हमें वन्यजीवों के संरक्षण और जैव विविधता के लिए अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। बाघों का संरक्षण हमारा सामूहिक दायित्व है। इस दौरान उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री द्वारा “मन की बात” कार्यक्रम में रणथंभौर नेशनल पार्क से प्रारंभ हुए “कुल्हाड़ी बंद पंचायत” अभियान की सराहना के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निश्चित ही सभी पर्यावरणविदों को प्रकृति प्रेमियों में नवीन उत्साह एवं ऊर्जा का संचार करेगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान के फलस्वरूप क्षेत्र के वन पुनः हरित हो रहे हैं। साथ ही बाघों के लिए अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण हो रहा है। उन्होंने रणथम्भौर टाईगर रिजर्व में पर्यावरण एवं बाघ संरक्षण हेतु मिशन बीट प्लास्टिक एवं पथिक लोक सेवा समिति के कार्यो की सराहना की। उन्होंने मानसून के दौरन अधिक से अधिक पौधारोपण कर अपने आस पास के क्षेत्र को हरा भरा कर पर्यावरण संरक्षण करने की अपील की।
उप वन संरक्षक एवं उप क्षेत्र निदेशक प्रथम रणथम्भौर बाघ परियोजना डॉ. रामानन्द भाकर ने कहा कि बाघ सवाई माधोपुर में रहने वाले हजारों लोगों की आजीविका का माध्यम है। हम सभी इनके संरक्षण के लिए आगे आएं।
इस अवसर पर वन्य जीव विशेषज्ञ धर्मेंद्र खांडल ने बाघ संरक्षण के क्षेत्र में समय-समय पर किए गए प्रयासों, वन्यजीव सुरक्षा एवं सरंक्षण के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी प्रदान की।
टाईगर प्रोजेक्ट से जुड़े हरिमोहन मीना द्वारा केराबल की विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण, रणथम्भौर पार्क के विभिन्न रूटस इकोसिस्टम, प्राकृतिक संपदा वनों, पक्षियों एवं वन्यजीवों के महत्व के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया गया।
इस दौरान वन विभाग द्वारा प्लास्टिक मुक्त रणथम्भौर के उद्देश्य से राजीविका समूह की महिलाओं निर्मित कपड़े के थैलों का वितरण कर सभी को वन्यजीव एवं प्रकृति के संरक्षण संवर्धन की दिशा में प्रेरित करने का संदेश दिया गया। संगोष्ठी के उपरांत उपस्थित सभी को रणथम्भौर टाईगर रिजर्व का भ्रमण करवाकर बाघ संरक्षण के महत्व के बारे में बताया।
इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता, सहायक निदेशक पर्यटन मधुसूदन सिंह, प्रशिक्षु उप वन संरक्षक तेजस पाटिल, सहायक वन संरक्षक अरूण शर्मा, डीसीएफ लाखन सिंह, पशु चिकित्सक डॉ. सी.पी. मीना, मिशन बीट प्लास्टिक के रूपसिंह मीना, शिक्षक, वकील, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधी पर्यावरणविद उपस्थित रहे।

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