सेवाश्रम विशेष विद्यालय में प्रवेश उत्सव, 54 दिव्यांग बच्चों के साथ नए सत्र का शुभारंभ


कुमकुम तिलक, गुड़, आइसक्रीम और उपहारों से विशेष बच्चों का स्वागत, शिक्षकों के लिए यूनिफॉर्म भी लागू की गई।

भीलवाड़ा। पंकज पोरवाल। सेवाश्रम विशेष विद्यालय प्रवेश उत्सव के साथ बौद्धिक दिव्यांग बच्चों को शिक्षा, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित सेवाश्रम बौद्धिक दिव्यांग पुनर्वास गृह एवं विशेष विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 का शुभारंभ उत्साह, उल्लास और आत्मीयता के वातावरण में किया गया। विद्यालय ने अपने तीसरे शैक्षणिक अध्याय की शुरुआत प्रवेश उत्सव के रूप में मनाते हुए विशेष बच्चों का पारंपरिक भारतीय संस्कृति के अनुरूप स्वागत किया।

इस अवसर पर पूरे विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जहां बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों के चेहरों पर नई उम्मीद और नई ऊर्जा स्पष्ट दिखाई दी।

54 विशेष बच्चों के साथ शुरू हुआ नया शैक्षणिक सत्र

नए सत्र में विद्यालय ने पुनर्वास गृह (हॉस्टल) में निवासरत 15 बच्चों सहित कुल 54 विशेष बच्चों के साथ अपनी शैक्षणिक गतिविधियों का शुभारंभ किया।

पहले ही दिन विद्यालय पहुंचे सभी बच्चों का अध्यापकों ने कुमकुम का तिलक लगाकर, गुड़ खिलाकर तथा आत्मीयता के साथ स्वागत किया। इसके साथ ही बच्चों को रंग-बिरंगे स्टेशनरी गिफ्ट पैकेट भी दिए गए, जिससे उनका उत्साह कई गुना बढ़ गया।

विद्यालय परिवार का उद्देश्य था कि बच्चों के मन में विद्यालय के प्रति अपनापन और खुशी का भाव विकसित हो, ताकि वे पूरे वर्ष उत्साहपूर्वक शिक्षा एवं प्रशिक्षण से जुड़े रहें।

आइसक्रीम, चॉकलेट और उपहारों से बच्चों का बढ़ाया उत्साह

प्रवेश उत्सव के दौरान संस्था की कोषाध्यक्ष प्रेमलता ओझा ने बच्चों एवं उनके अभिभावकों का मुंह मीठा करवाने के लिए आइसक्रीम और चॉकलेट वितरित की। इससे बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी और विद्यालय का वातावरण और अधिक उत्साहपूर्ण बन गया।

विद्यालय पहुंचने को लेकर जितना उत्साह बच्चों में था, उतना ही जोश अध्यापकों में भी देखने को मिला। सभी ने नए सत्र की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा के साथ की।

शिक्षकों के लिए लागू किया गया यूनिफॉर्म

विद्यालय प्रबंधन ने इस शैक्षणिक सत्र से अनुशासन और एकरूपता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी अध्यापकों के लिए ड्रेस कोड (यूनिफॉर्म) अनिवार्य कर दिया है।

प्रधानाचार्य आशा काबरा ने बताया कि विद्यालय की पूरी टीम नई सोच, नई योजना और नए लक्ष्यों के साथ इन विशेष बच्चों के पुनर्वास एवं विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विद्यालय एवं हॉस्टल में नए प्रवेश के लिए लगातार अभिभावक संपर्क कर रहे हैं।

पूरा विद्यालय स्टाफ रहा उपस्थित

इस गरिमामयी प्रवेश उत्सव के अवसर पर प्रधानाचार्य आशा काबरा, कोषाध्यक्ष प्रेमलता ओझा, शिक्षिका निहारिका तोषनीवाल, विनीता चौधरी, दिव्या चौधरी, खुशी कुमारी, केयरटेकर अपर्णा सामंत, स्पीच थैरेपिस्ट लक्ष्मी पाल तथा जिम्नास्टिक कोच राहुल सुवालका सहित विद्यालय का पूरा स्टाफ उपस्थित रहा।

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