शाहपुरा निकाय चुनाव को लेकर प्रशासन अलर्ट, हर मोर्चे पर जिम्मेदारी तय


ब्लॉक लेवल प्रभारियों की बैठक में कानून-व्यवस्था, आचार संहिता, ईवीएम, प्रशिक्षण और मतदाता जागरूकता की तैयारियों की समीक्षा हुई।

शाहपुरा। नगर पालिका शाहपुरा के निकाय चुनाव को लेकर प्रशासन ने चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। बुधवार को उपखंड कार्यालय शाहपुरा में निर्वाचन से जुड़े ब्लॉक लेवल प्रभारियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए अब तक की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्वाचन विभाग एवं जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त निर्देशों की पूर्ण पालना करते हुए सभी जिम्मेदारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम बनवारी लाल सिनसिनवार ने विभिन्न प्रकोष्ठों के कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि निर्वाचन से जुड़ा प्रत्येक कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता या उदासीनता नहीं बरती जाए।

कानून-व्यवस्था के लिए फ्लैग मार्च और निगरानी पर जोर

निकाय चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक नाना लाल को सौंपी गई है। उनके निर्देशन में तहसीलदार रणवीर सिंह एवं थाना प्रभारी लीलाधर मालवीय के सहयोग से फ्लैग मार्च सहित आवश्यक पुलिस व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

प्रशासन का विशेष फोकस मतदान के दौरान भयमुक्त एवं शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने पर रहेगा, ताकि मतदाता बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

आचार संहिता और शिकायतों की होगी मॉनिटरिंग

आदर्श आचार संहिता की पालना एवं चुनाव संबंधी शिकायतों के निस्तारण की जिम्मेदारी नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी पुरुषोत्तम पंवार को दी गई है। प्राप्त शिकायतों की जांच कर नियमानुसार उनका निस्तारण किया जाएगा।

इसके साथ ही चुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

कचरा संग्रहण वाहनों से भी होगा मतदाता जागरूकता का प्रसार

मतदाता जागरूकता अभियान को भी चुनावी तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। नगर पालिका के कचरा संग्रहण वाहनों के माध्यम से मतदान से जुड़े संदेश प्रसारित किए जाएंगे।

इसके अलावा स्वीप कार्यक्रम के तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अन्य संस्थानों में मतदाता जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी महेश कुमार व्यास के माध्यम से निर्वाचक साक्षरता क्लब की गतिविधियों को बढ़ावा देकर मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

मतदान केंद्रों पर फर्स्ट एड, व्हीलचेयर और एंबुलेंस की व्यवस्था

मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी व्यवस्थाएं तय की गई हैं। चिकित्सा विभाग के डॉ. अमित गुप्ता को सभी मतदान केंद्रों पर फर्स्ट एड बॉक्स एवं व्हीलचेयर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है।

मतदान दिवस पर आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

ईवीएम प्रशिक्षण पर रहेगा विशेष जोर

मतदान दलों के प्रशिक्षण की जिम्मेदारी अधिशासी अधिकारी पुरुषोत्तम पंवार एवं विजय सिंह नरूका को सौंपी गई है। प्रशिक्षण के दौरान मतदान दलों को ईवीएम संचालन की जानकारी देने के साथ-साथ प्रायोगिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो।

वहीं ईवीएम की व्यवस्था की जिम्मेदारी तहसीलदार रणवीर सिंह एवं नायब तहसीलदार रामप्रसाद बलाई को दी गई है।

कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क रहेगी सक्रिय

चुनाव संबंधी सूचनाओं के संकलन और त्वरित संप्रेषण के लिए उपखंड कार्यालय में निर्वाचन नियंत्रण कक्ष लगातार संचालित रहेगा। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से आवश्यक रिपोर्टिंग और सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा।

मतदाताओं की सहायता के लिए हेल्प डेस्क की व्यवस्था भी रहेगी, ताकि चुनाव से संबंधित आवश्यक जानकारी और सहायता समय पर उपलब्ध कराई जा सके।

मतगणना स्थल पर सीसीटीवी और इंटरनेट की व्यवस्था

मतगणना स्थल पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की जाएगी। वहीं मतगणना के दौरान आवश्यक इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी बीएसएनएल को सौंपी गई है।

इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य मतगणना प्रक्रिया में तकनीकी सुविधा के साथ-साथ पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित करना है।

लापरवाही पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी होंगे जिम्मेदार

बैठक में प्रशासन ने सभी प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चुनावी कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता या उदासीनता के लिए संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।

सभी प्रकोष्ठों के प्रभारियों को अपने-अपने कार्यों की दैनिक प्रगति एवं समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि चुनावी तैयारियों की लगातार निगरानी की जा सके।

प्रशासन के साथ राजनीतिक गतिविधियां भी तेज

इधर राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की ओर से भी चुनावी तैयारियां तेज हो चुकी हैं। वहीं प्रशासन ने मतदान से लेकर मतगणना तक की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।

शाहपुरा में चुनावी सरगर्मी बढ़ने के साथ अब प्रशासनिक निगरानी भी लगातार तेज रहने की संभावना है। प्रशासन का लक्ष्य चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है।

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