शाहपुरा में ट्रैक्टर हादसे के बाद मजदूर की मौत, मुआवजे को लेकर धरना


10 लाख मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन, लंबी वार्ता के बाद 2 लाख की सहायता पर बनी सहमति।

शाहपुरा। शाहपुरा क्षेत्र में ट्रैक्टर की टक्कर से घायल मजदूर की इलाज के दौरान मौत के बाद जिला अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। मृतक के परिजनों और समाज के लोगों ने भीलवाड़ा जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना देकर 10 लाख रुपये मुआवजा, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की मांग की। कई दौर की वार्ता के बाद दोनों पक्षों के बीच दो लाख रुपये आर्थिक सहायता और उपचार का खर्च वहन करने पर सहमति बनी, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।

10 जुलाई को हुआ था हादसा

जानकारी के अनुसार, भीलवाड़ा शहर के रामदेव मंदिर कोली मोहल्ला निवासी दीपक कुमार पुत्र नाथूलाल गैंडावध कोली शाहपुरा क्षेत्र के गणपतिया खेड़ा गांव में एक मकान पर रंग-रोगन का कार्य कर रहा था। वह करीब 22 फीट ऊंचाई पर झूले के सहारे पेंटिंग कर रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक ट्रैक्टर की टक्कर से झूला असंतुलित हो गया और दीपक नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया।

घायल दीपक को पहले शाहपुरा अस्पताल और बाद में भीलवाड़ा रेफर किया गया, जहां सिम्स अस्पताल में उपचार के दौरान बुधवार को उसकी मृत्यु हो गई।

मोर्चरी पर धरने पर बैठे परिजन

मृत्यु की सूचना मिलते ही कोली समाज के बड़ी संख्या में लोग जिला अस्पताल पहुंचे और पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए। समाज के प्रतिनिधियों ने मृतक परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को रोजगार तथा ट्रैक्टर चालक एवं मालिक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

धरने के दौरान जिला अस्पताल परिसर में पुलिस बल और आरएसी के जवान तैनात रहे। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने समाज के प्रतिनिधियों से कई दौर की वार्ता की।

दो लाख सहायता पर बनी सहमति

लंबी वार्ता के बाद ट्रैक्टर पक्ष और समाज के प्रतिनिधियों के बीच समझौता हुआ। समझौते के अनुसार मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये आर्थिक सहायता दी जाएगी तथा उपचार में हुआ खर्च भी संबंधित पक्ष वहन करेगा। इसके बाद समाज के लोगों ने धरना समाप्त कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए सहमति दी।

हालांकि कई समाजजनों ने कहा कि एक युवा मजदूर की जान की कीमत केवल आर्थिक सहायता नहीं हो सकती और भविष्य में ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए श्रमिक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए।

पहले से दर्ज है मामला

फुलियाकलां थाना पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद मृतक के भाई की रिपोर्ट पर पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका था। अब युवक की मृत्यु के बाद प्रकरण में संबंधित धाराएं जोड़ते हुए विधिक कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच एएसआई सोराज कर रहे हैं।

श्रमिक सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद कार्यस्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। समाज के लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता और कार्यस्थल के आसपास भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।

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