वाहन रैली, भव्य शोभायात्रा, भजन-कीर्तन और आम भंडारे से सजेगा शहर
एकता और आस्था का दिखेगा अनूठा संगम
शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी। सिंधी समाज के आराध्य भगवान झूलेलालजी के जन्मोत्सव चेटीचंड महोत्सव को लेकर शाहपुरा शहर में उत्साह अपने चरम पर है। पूज्य सिंधी पंचायत शाहपुरा के तत्वावधान में 20 मार्च 2026, शुक्रवार को यह पावन पर्व भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों के साथ मनाया जाएगा। शहर के प्रमुख मार्गों से लेकर मंदिरों तक तैयारियां जोरों पर हैं और हर ओर “जय झूलेलाल” के जयघोष गूंजने लगे हैं।
पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष लीलाराम वासवानी, सचिव नरेश लखपतानी व कोषाध्यक्ष अशोक थानवानी ने जानकारी देते हुए बताया कि महोत्सव का शुभारंभ प्रातः 9ः00 बजे दिलखुशाल बाग स्थित झूलेलाल मंदिर से नवयुवकों की भव्य वाहन रैली के साथ होगा। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों बालाजी की छतरी, सदर बाजार, कुंडगेट, त्रिमूर्ति स्मारक, सिंधी कॉलोनी, भीलवाड़ा रोड और बस स्टैंड होते हुए संत कंवर राम धर्मशाला, पिवणिया तालाब के पास पहुंचेगी। रैली के समापन स्थल पर सभी प्रतिभागियों के लिए अल्पाहार की विशेष व्यवस्था रखी गई है।
इस वाहन रैली में अनुशासन और एकरूपता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। पुरुषों के लिए सफेद कुर्ता-पायजामा अथवा सफेद शर्ट का ड्रेस कोड निर्धारित किया गया है, जिससे आयोजन में एकता, सादगी और श्रद्धा का संदेश समाज में प्रसारित हो सके। नवयुवकों में रैली को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और वे इसे यादगार बनाने के लिए पूरी तैयारियों में जुटे हुए हैं।
दोपहर 3ः30 बजे दिलखुशाल बाग स्थित झूलेलाल मंदिर में धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रारंभ होगी। इसमें झंडारोहण, भजन-कीर्तन, प्रसाद वितरण, पारंपरिक छेज नृत्य तथा पूज्य बहराणा साहब की पूजा-अर्चना शामिल है। भक्ति संगीत और श्रद्धा के रंगों में सराबोर यह आयोजन श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से भर देगा।
शाम 6ः30 बजे झूलेलाल मंदिर से पूज्य बहराणा साहब अखंड ज्योति की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी और पिवणिया तालाब पर जाकर सम्पन्न होगी। शोभायात्रा में आकर्षक झांकियां, पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु, भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि और ढोल-नगाड़ों की गूंज शहर के वातावरण को भक्तिमय बना देगी।
इस महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण रात्रि 8ः00 बजे संत कंवर राम धर्मशाला में आयोजित आम भंडारा रहेगा, जिसमें सभी समाजबंधुओं और श्रद्धालुओं को सपरिवार आमंत्रित किया गया है। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है और इसके लिए व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
पंचायत के पदाधिकारियों ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सपरिवार उपस्थित होकर इस पावन पर्व को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि चेटीचंड केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सिंधी समाज की आस्था, परंपरा और एकता का प्रतीक है। यह पर्व समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि सभी श्रद्धालु समय की पाबंदी का पालन करें और कार्यक्रमों में अनुशासन बनाए रखें, ताकि आयोजन गरिमा और भव्यता के साथ संपन्न हो सके। चेटीचंड महोत्सव के इस आयोजन से न केवल धार्मिक आस्था को बल मिलेगा, बल्कि समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और एकता की भावना भी और अधिक सुदृढ़ होगी। शाहपुरा शहर इस दिन पूरी तरह भक्ति और उत्सव के रंग में रंगा नजर आएगा।