गंगापुर सिटी में स्कूल शिक्षा परिवार ने शाला संचालन एप के अव्यावहारिक नियमों में संशोधन और संवाद की मांग उठाई।
गंगापुर सिटी। शाला संचालन एप जांच व्यवस्था को लेकर निजी विद्यालय संचालकों के संगठन स्कूल शिक्षा परिवार (संघ) ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। मंगलवार को ब्लॉक गंगापुर सिटी इकाई ने अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्री हनुमान मुक्त को ज्ञापन सौंपकर शाला संचालन एप के माध्यम से प्रस्तावित जांच व्यवस्था में शामिल अव्यावहारिक नियमों एवं निर्देशों को व्यवहारिक बनाने की मांग की।
संघ का कहना है कि वर्तमान स्वरूप में प्रस्तावित जांच प्रणाली निजी विद्यालयों के लिए अनावश्यक प्रशासनिक बोझ बढ़ाएगी। इसलिए नियमों को शिक्षा हित, छात्र हित और व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संशोधित किया जाना चाहिए।
निजी विद्यालयों की भूमिका और चुनौतियों का किया उल्लेख
स्कूल शिक्षा परिवार के मीडिया प्रभारी एवं प्रवक्ता सारांश जैन ने बताया कि राजस्थान में लगभग 32 हजार से अधिक प्रबंध समितियों द्वारा संचालित 50 हजार से अधिक गैर-सरकारी विद्यालयों में करीब 90 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों में 15 लाख से अधिक शिक्षक एवं कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विभिन्न अव्यावहारिक नियमों, निर्देशों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण निजी विद्यालयों को लगातार अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे नियम विद्यालय संचालन को प्रभावित कर रहे हैं।
44 बिंदुओं पर प्रस्तावित जांच को बताया अव्यावहारिक
संघ के ब्लॉक अध्यक्ष नीटू सिंह धावाई ने बताया कि निदेशक माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर द्वारा जारी आदेश के अनुसार शाला संचालन एप के माध्यम से आरटीई, पाठ्यपुस्तक, फीस, बाल वाहिनी सहित विभिन्न विषयों पर 44 बिंदुओं की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में इन सभी बिंदुओं पर नियमित जांच की व्यवस्था पूरी तरह व्यवहारिक नहीं है। यदि इसे वर्तमान स्वरूप में लागू किया गया तो विद्यालयों पर अतिरिक्त प्रशासनिक दबाव बढ़ेगा और नियमित शैक्षणिक कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी विद्यालय सदैव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। हालांकि, अनावश्यक एवं अव्यावहारिक नियमों से विद्यालयों के संचालन में कठिनाइयां उत्पन्न होंगी।
संवाद स्थापित कर नियमों को सरल बनाने की मांग
ज्ञापन में स्कूल शिक्षा परिवार (संघ) ने कहा कि छात्र हित और विद्यार्थियों की सुरक्षा सभी विद्यालयों की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी विद्यालय के विरुद्ध कोई ठोस शिकायत अथवा विशेष कारण हो तो नियमानुसार जांच की जा सकती है।
हालांकि, बिना किसी विशेष कारण सभी विद्यालयों पर व्यापक जांच व्यवस्था लागू करना उचित नहीं है। संगठन ने प्रशासन से आग्रह किया कि निजी विद्यालय संगठनों के साथ संवाद स्थापित कर नियमों को सरल, व्यवहारिक और शिक्षा हित में बनाया जाए, ताकि विद्यालयों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने दिया आश्वासन
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्री हनुमान मुक्त ने प्रतिनिधिमंडल की बात गंभीरता से सुनी। उन्होंने संगठन की मांगों और सुझावों को संबंधित उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
इस दौरान स्कूल शिक्षा परिवार (संघ) के ब्लॉक अध्यक्ष नीटू सिंह धावाई, ब्लॉक प्रभारी राजकुमार मिश्रा, उपाध्यक्ष शिवकुमार शर्मा, राजेश कुमार गुर्जर, कोषाध्यक्ष महेंद्र नापित, सहमंत्री ओमप्रकाश महावर, सह संगठन मंत्री सुरेशचंद शर्मा, सूचना एवं प्रसार मंत्री कपिल शर्मा, सुरेंद्र सिंह राजपूत, राम सिंह राजपूत, शिवकुमार शर्मा, अशोक कुमार शर्मा, राजेश सैन, रामकेश सैनी एवं दिनेश चंद मीणा सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में निजी विद्यालयों की समस्याओं के शीघ्र समाधान तथा शिक्षा व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित रखने के लिए व्यावहारिक और न्यायसंगत निर्णय लेने की मांग दोहराई।
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Gangapur City, Rajasthan
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