दीवार पर पुराने अधीक्षकों के नाम, ओपीडी में अकेले आयुष चिकित्सक ने संभाला मोर्चा, मरीजों ने स्थायी एमबीबीएस डॉक्टरों की मांग की
प्रयागराज। कहने को तो शंकरगढ़ का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने वाला प्रमुख केंद्र है, लेकिन सोमवार सुबह सामने आई व्यवस्थाओं ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। अस्पताल की दीवार पर आज भी पूर्व अधीक्षकों डॉ. अभिषेक सिंह और एस.के. सिंह के नाम दर्ज हैं, जबकि वर्तमान में नवनियुक्त अधीक्षक डॉ. रामगोपाल वर्मा जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
अस्पताल में नाम बदलने से लेकर चिकित्सकों की उपलब्धता तक कई व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठते दिखाई दिए। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है, ताकि दूरदराज से आने वाले लोगों को परेशानी न हो।
9:48 बजे तक खाली पड़ी रही अधीक्षक की कुर्सी
सोमवार सुबह 9:48 बजे तक नवनियुक्त अधीक्षक डॉ. रामगोपाल वर्मा की कुर्सी खाली पड़ी थी। इस दौरान अस्पताल के बाहर मरीजों की भीड़ नजर आई। मरीज अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
ओपीडी में इस दौरान आयुष चिकित्सक डॉ. पुनीत केसरवानी मौजूद रहे और उन्होंने मरीजों को देखना जारी रखा। अस्पताल में मौजूद मरीजों की संख्या को देखते हुए ओपीडी की जिम्मेदारी संभालना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा।
डॉ. पुनीत केसरवानी के समय पर मौजूद रहकर ओपीडी संभालने की बात भी सामने आई। मरीजों के बीच उनकी मौजूदगी के कारण कम से कम ओपीडी में चिकित्सकीय परामर्श की व्यवस्था चलती रही।
दीवार पर पुराने अधीक्षकों के नाम को लेकर सवाल
सीएचसी की दीवार पर अब भी पूर्व अधीक्षक डॉ. अभिषेक सिंह और एस.के. सिंह के नाम लिखे हुए हैं। वर्तमान अधीक्षक के कार्यभार संभालने के बाद भी पुराने नाम नहीं हटाए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अस्पताल आने वाले लोगों का कहना है कि यदि अधीक्षक का नाम तक समय पर अपडेट नहीं किया जा रहा है तो अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर ध्यान देने की मांग की है।
कई कर्मचारी मिले मौजूद, एक्स-रे मशीन पर भी सवाल
निरीक्षण के दौरान नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार, फार्मासिस्ट करण सिंह, दिलीप सिंह और पैथोलॉजी लैब के कर्मचारी मौजूद मिले।
हालांकि, अस्पताल में लगी एक्स-रे मशीन के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए गए। लाखों रुपये की मशीन होने के बावजूद उसके उपयोग में नहीं होने की बात सामने आई, जिससे मरीजों को आवश्यक जांच के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
मरीजों ने स्थायी एमबीबीएस डॉक्टरों की मांग उठाई
सीएचसी पहुंचे मरीजों ने अस्पताल में स्थायी एमबीबीएस डॉक्टरों की तैनाती की मांग की। मरीजों का कहना है कि शंकरगढ़ जैसे बड़े क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त एमबीबीएस चिकित्सकों की उपलब्धता जरूरी है।
मरीजों के अनुसार, उन्हें बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता चाहिए। उनका कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों की पर्याप्त व्यवस्था होने से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को राहत मिल सकती है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से व्यवस्था सुधारने की मांग
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों से सीएचसी शंकरगढ़ की व्यवस्थाओं पर ध्यान देने की मांग की है। मरीजों की मांग है कि अस्पताल में स्थायी एमबीबीएस डॉक्टरों की नियुक्ति के साथ जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं को भी सुचारु किया जाए।
अस्पताल में सुबह के समय अधीक्षक की अनुपस्थिति और सीमित चिकित्सकीय व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच अब लोगों की नजर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर है। मरीजों का कहना है कि शंकरगढ़ जैसे बड़े क्षेत्र के अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं नियमित और व्यवस्थित रूप से उपलब्ध होनी चाहिए।
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