न्यू चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल में रचनात्मक प्रतियोगिताओं के जरिए विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति और जन्माष्टमी की परंपराओं को जीवंत किया।
प्रयागराज। जनपद के यमुनानगर अंतर्गत शंकरगढ़ के सिंधी टोला स्थित न्यू चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल में जन्माष्टमी के पावन अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी कला, प्रतिभा और रचनात्मक सोच का प्रदर्शन किया।
विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए बांसुरी सजावट, पालना सजावट और मटका सजावट प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने इन प्रतियोगिताओं में आकर्षक सजावट कर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया।
बांसुरी सजावट में आर्या केसरवानी प्रथम
जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित बांसुरी सजावट प्रतियोगिता में आर्या केसरवानी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनकी रचनात्मक प्रस्तुति को विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने सराहा।
प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी पारंपरिक वस्तुओं को रचनात्मक तरीके से सजाने का अवसर मिला।
पालना सजावट में संजीवनी और श्रेया अव्वल
पालना सजावट प्रतियोगिता में संजीवनी तिवारी एवं श्रेया ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। दोनों विद्यार्थियों ने आकर्षक ढंग से पालने को सजाकर अपनी कला एवं कल्पनाशीलता का प्रदर्शन किया।
विद्यालय में आयोजित इन गतिविधियों के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने जन्माष्टमी से जुड़ी परंपराओं को रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से समझने और प्रस्तुत करने का प्रयास किया।
मटका सजावट में अवनी ने हासिल किया पहला स्थान
वहीं मटका सजावट प्रतियोगिता में अवनी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बच्चों ने रंगों और विभिन्न सजावटी सामग्रियों के माध्यम से मटकों को आकर्षक रूप दिया।
प्रतियोगिताओं के जरिए विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ जन्माष्टमी और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिला।
भारतीय संस्कृति से जुड़ने का मिलता है अवसर
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक प्रकाश चंद्र मिश्रा ने सभी प्रतिभागी बच्चों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के पारंपरिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों को करीब से जानने-समझने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि रचनात्मक प्रतियोगिताएं बच्चों की कल्पनाशक्ति, आत्मविश्वास और प्रतिभा को मंच प्रदान करती हैं। शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी बच्चों के व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साह से मनाई जन्माष्टमी
विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और जन्माष्टमी से जुड़ी सांस्कृतिक परंपराओं को उत्साह के साथ मनाया।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, संस्कार और परंपराओं से जोड़ना विद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी संस्कृति से जोड़ने के साथ उनके सर्वांगीण विकास में भी सहायक होते हैं।
जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित बांसुरी, पालना और मटका सजावट प्रतियोगिताओं ने विद्यालय परिसर में उत्साह और रचनात्मकता का माहौल बना दिया।
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