वनक्षेत्र में टाइगर के हमले से चरवाहे की मौत
बौंली, बामनवास। श्रद्धा ओम त्रिवेदी। सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर नेशनल पार्क के आमा घाटी वन क्षेत्र में सोमवार को एक चरवाहा बाबूलाल गुर्जर की टाइगर के हमले से मौत हो गई मंगलवार को परिजनों, ग्रामीणो, जनप्रतिनिधियों व पुलिस, प्रशासन वन विभाग के मध्य सहमति बन जाने के बाद मृतक का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार खावा खांडोज गांव का चरवाहा बाबूलाल गुर्जर अपनी दिनचर्या की तरह रोज बकरियां चराने वन क्षेत्र के पास गया हुआ था लेकिन उसके शाम 8:00 तक भी घर नहीं पहुंचने पर परिजनों को चिंता व्याप्त हो गई फिर परिजनों व ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी वन विभाग ने चरवाहे की तलाशी के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन रात्रि अधिक हो जाने के कारण सफलता नहीं मिल पाई और सर्च ऑपरेशन रोक दिया गया फिर भी परिजनों व ग्रामीणों ने अपना तलाशी अभियान जारी रखा एवं आमाघाटी वन क्षेत्र में चरवाहे बाबूलाल गुर्जर के शव के पास टाइगर मृतक का हाथ खाते हुए नजर आया परिजनों व ग्रामीणों ने शोर मचाकर बाघ को भगाया व शव को लेकर गांव पहुंचे एवं रात्रि को ही सड़क मार्ग पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पाकर राज्यसभा सांसद डॉक्टर किरोडी लाल मीणा, भाजपा नेत्री आशा मीणा, कांग्रेस नेता डिग्गी प्रसाद मीणा, भाजपा नेता कमल सिंह मीणा,व भवानी सिंह मीणा सहित अनेको जनप्रतिनिधि व पुलिस, प्रशासन वन विभाग के अधिकारियों के मध्य आम सहमति बनाई गई जिसके तहत 15 लख रुपए की आर्थिक सहायता 5 बीघा जमीन वन विभाग में मृतक के पुत्र को संविदा पर नौकरी प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान सहित अन्य मांगों पर सहमति बन जाने के बाद मृतक केशव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। रणथंभौर टाइगर नेशनल पार्क के आसपास बसे ग्रामीण द्वारा वन क्षेत्र में ईंधन व मवेशी चराई जाने को लेकर इस प्रकार की अनेको घटनाएं घटित हो चुकी है लेकिन ग्रामीण फिर भी वन क्षेत्र में जाने से संकोच नहीं करते।

1996 से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं। 1996 से दैनिक भास्कर में बौंली, बामनवास एवं सन 2000 में दैनिक भास्कर ब्यूरो चीफ गंगापुर सिटी। 2003 से पंजाब केसरी और वर्तमान में राष्ट्रदूत। अनेकों चैनल व अखबारों में कार्यरत हैं। आवाज आपकी न्यूज पोर्टल में पत्रकार हैं।