भागवत कथा सांसारिक उलझनों में न रहकर ईश्वर की भक्ति और प्रेम में जीवन जीना सिखाता है – पंडित मुरारी लाल पाराशर
डीग।अमरदीप सेन। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शहर के ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर पर 21 से 28 फरवरी तक आयोजित हो रही श्री मद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दौरान शनिवार को कलश यात्रा के साथ भागवत कथा का शुभारंभ हुआ।इस दौरान शहर के मुख्य बाजार,लोहा मंडी,नई सड़क,पोस्ट आफिस,राजकीय चिकित्सालय,गणेश मंदिर,हिन्दी पुस्तकालय होते हुए कलश यात्रा अपने गंतव्य स्थान पर पहुंची। इस मौके पर कलश यात्रा में महिलाएं लाल रंग की परिधान में सिर पर मंगल कलश धारण बैंड बाजों की मधुर धुन नृत्य करती हुई चल रही थी।तथा कलश यात्रा का शहर वासियों द्वारा जगह-जगह पुष्प वर्षा एवं जलपान करा कर के भव्य स्वागत किया।
इस अवसर पर भागवताचार्य लक्ष्मण मंदिर के महंत पूज्य पंडित मुरारी लाल पाराशर ने भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा कि भक्ति केवल शब्द नहीं जीवन जीने की सजग यात्रा है।भक्ति कोई नाम या दिखावा नहीं बल्कि अपने भीतर ही सजग यात्रा है।सच्ची भक्ति तब है जब हम आत्म मंथन द्वारा दूसरे से पहले स्वयं को जांचें अपनी कमियों में सुधार लायें।
पाराशर ने बताया कि भागवत कथा सांसारिक उलझनों में न रहकर ईश्वर की भक्ति और प्रेम में जीवन जीना सिखाता है।और भगवान के चरण कमलों तक पहुँचाता है। इस अवसर पर बाबा शिवराम दास जी महाराज, आचार्य गणेश दत्त पाराशर,गोपाल दास ,शिवचरन शर्मा,हरेष बंसल, पूर्व पार्षद मोहन स्वरुप पाराशर,कृष्ण बल्लभ शर्मा,हरिओम पाराशर,पिन्टा पंडित,जुगला खण्डेलवाल,रमेश अरोड़ा, इन्द्रमोहन शर्मा सहित बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित थे।