बाप कहे बेटा नहीं माने, बहू बनी ठुकरानी


हेला ख्याल दंगल में गायन पार्टियों ने कलयुग, भ्रष्टाचार सहित विभिन्न धार्मिक प्रसंगों पर प्रस्तुत की रचनाएं 

सूरौठ। कस्बे में गणगौर मेले के अवसर पर सीताराम जी के मंदिर के सामने बनाए गए पांडाल में चल रहे हेल ख्याल दंगल के दौरान शनिवार को गायन पार्टियों ने विभिन्न धार्मिक एवं पौराणिक प्रसंगों के अलावा राजनीति पर भी रचनाएं प्रस्तुत की। गायन पार्टियों के कलाकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से कलयुग, भ्रष्टाचार एवं अंधविश्वास को निशाना बनाया। सूरौठ मीना मंडल गायन पार्टी के मीडिया नथोली मीणा व उनकी पार्टी ने कलयुग पर प्रस्तुत की रचना ‘ए रे खुब है रइए मनमानी, करे सब आनाकानी, बाप कहे बेटा नहीं माने, बहू बनी ठुकरानी, सास ससुर और ननद बिचारी, भरती डोले पानी’… को श्रोताओं में खूब सराहा। इसी तरह धाधरैन गायन पार्टी ने भक्त पूरणमल एवं एरावत हाथी की कथा सुनाई। जटवाडी गायन पार्टी ने अर्जुन जयद्रथ संवाद का अपनी रचनाओं के माध्यम से वर्णन किया। धाधरैन गायन पार्टी ने अर्जुन की माला प्रसंग पर भी रचनाएं प्रस्तुत की। मीना मंडल सूरौठ गायन पार्टी ने करवा चौथ, शिव मोहिनी सहित कई प्रसंग पर रचनाएं प्रस्तुत की। इसी तरह हनुमान मंडल सोप, रामसहाय मंडल हिंडौन, खरेरी आदि गायन पार्टियों ने भी विभिन्न धार्मिक एवं पौराणिक प्रसंगों पर रचनाएं प्रस्तुत की। गायन पार्टियों ने देश के वर्तमान हालातों एवं राजनीति पर भी अपनी रचनाओं के माध्यम से व्यंग्य बाण छोड़ें। सरपंच प्रतिनिधि राम अवतार शर्मा एवं मेला कमेटी के सदस्य नरेंद्र बाबा ने बताया कि हेला ख्याल दंगल में रचनाएं सुनने के लिए सूरौठ कस्बे के अलावा आसपास के कई गांवों के ग्रामीण मौजूद रहे। गायन पार्टियों के कलाकारों ने हेला ख्याल दंगल के दौरान बम बजाकर डांस किया। गायन पार्टियों के कलाकारों की ओर से प्रस्तुत की गई रचनाओं को सुनकर श्रोता मंत्र मुग्ध हो गए। हेला ख्याल सुनने के लिए ग्रामीण दिनभर पांडाल में जमे रहे।


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