मन की अवस्था शारीरिक रोगों के रूप में उभरती है – “यश”


नर्सिंग स्टूडेंट्स ने ओमाश्रय सेवा धाम में मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के तहत चालीस विमंदितों का किया परीक्षण
मन की अवस्था शारीरिक रोगों के रूप में उभरती है – “यश”

जयपुर, विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइड लाइन से चल रहे मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के अन्तर्गत सैनी नर्सिंग कॉलेज स्टूडेंटस ने ओमाश्रय सेवा धाम में चालीस विमंदितों की लघु मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण ( एम एम एस ई)किया।
ओउमाश्रय संचालक यशपाल यश ने वताया कि यंहा के वातावरण नियमित दिनचर्या सात्त्विक आहार प़कृति के साथ योग यज्ञ प़ाणायाम ध्यान उपासना से इनके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हुआ है।यश ने कहा कि मनुष्य साईकोसोमेटिक मनोशरीरी है शरीर की अस्सी प्रतिशत वीमारियां मन में आए राग द्वेष घृणा काम क़ोध लोभ मोह अहंकार से होती हैं।
कालेज प़िंसीपल हितेश गौतम ने बताया कि इस अवसर पर निर्धारित तीस प़श्नों द्वारा निजी जिंदगी आसपास तथा सामाजिक आध्यात्मिक परिवेश की इनकी जानकारी के स्तर का अध्ययन किया गया। इस अवसर पर सहायक प़ाचार्य मनमीत सिंह वैंस के के सोनी,पवन कुमार राजीव चतुर्वेदी तथा तृतीय वर्ष के लगभग चालीस छात्र छात्राओं ने भाग लिया।
इस अवसर पर ओमाश्रय की ओर डॉ गोवर्धन लाल गर्ग रचित वैदिक जीवन की झांकी पुस्तक भैंट की गई।


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