डीग जिला मुख्यालय पर राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन, आपसी राजीनामे से निपटे 1937 प्रकरण


8 साल पुराना पारिवारिक विवाद सुलझा, पक्षकारों को मिली 4.21 करोड़ रुपये से अधिक की समझौता राशि

डीग (अमरदीप सैन)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को डीग जिला मुख्यालय पर द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान वर्षों से लंबित न्यायिक प्रकरणों और प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी समझाइश के माध्यम से निस्तारण कर पक्षकारों को त्वरित न्याय प्रदान किया गया।

रिकॉर्ड संख्या में मामलों का निस्तारण लोक अदालत में कुल 1937 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इसमें:

  • लंबित प्रकरण (Pending Cases): 1456 मामलों का निस्तारण कर 88,50,788 रुपये की समझौता राशि दिलाई गई।

  • प्री-लिटिगेशन (Pre-Litigation): बैंक व अन्य 481 प्रकरणों को सुलझाकर 3,32,97,451 रुपये की राशि सेटल की गई।

8 साल पुराने पारिवारिक विवाद का सुखद अंत इस लोक अदालत की एक बड़ी उपलब्धि पुष्पा बनाम गणेशी का मामला रहा। पिछले 8 वर्षों से चल रहे इस पारिवारिक विवाद में पिता, पुत्री और पुत्रों के मध्य आपसी राजीनामा कराकर न्यायाधीशों ने विवाद को हमेशा के लिए समाप्त कराया।

दो विशेष बेंचों का हुआ गठन लोक अदालत के लिए जिला मुख्यालय पर दो बेंचों का गठन किया गया था:

  1. प्रथम बेंच: जिला एवं सेशन न्यायाधीश हेमराज गौड़ (अध्यक्ष) और आनंद प्रकाश पटेल (सदस्य)।

  2. द्वितीय बेंच: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेनू सकीत (अध्यक्ष), प्रवीण चौधरी और तहसीलदार जुगीता मीणा (सदस्य)।

इस अवसर पर डिफेंस काउंसिल राजेंद्र कुमार शर्मा, विनोद कुमार शर्मा, अमरजीत सिंह और गजेंद्र कुमार सहित कई अधिवक्ता व न्यायिक कर्मचारी उपस्थित रहे।


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