147 करोड़ रुपये की बाईपास परियोजना में प्राकृतिक नाले की चौड़ाई घटाने पर ग्रामीणों की आपत्ति, चेतावनी दी- मांग नहीं मानी तो होगा आंदोलन।
सवाई माधोपुर। सूरवाल-कुस्तला बाईपास निर्माण कार्य के दौरान प्राकृतिक लटिया नाला को संकरा किए जाने के प्रस्ताव का ग्रामीणों ने विरोध जताया है। लगभग 147 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 14 किलोमीटर लंबे सूरवाल–कुस्तला बाईपास निर्माण के दौरान सूरवाल और गोठड़ा गांव की सीमा पर स्थित इस प्राकृतिक नाले की चौड़ाई कम किए जाने की तैयारी पर स्थानीय लोगों ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नाले की प्राकृतिक संरचना से छेड़छाड़ की गई तो बरसात के दौरान जल निकासी प्रभावित होगी और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
100 फीट चौड़े नाले को 20 से 25 फीट तक सीमित करने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार करीब 100 फीट चौड़े प्राकृतिक लटिया नाले में सड़क निर्माण के नाम पर सेफ्टी वॉल बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए नाले के भीतर गड्ढे खोदे जा रहे हैं और उसकी चौड़ाई को घटाकर मात्र 20 से 25 फीट तक सीमित करने की योजना बनाई गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस प्रकार का निर्माण कार्य नाले के प्राकृतिक स्वरूप को प्रभावित करेगा और वर्षा के समय पानी के बहाव में बाधा उत्पन्न करेगा।
ग्रामीणों की आपत्ति के बाद रुका निर्माण कार्य
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पहले सूरवाल निवासी रामकल्याण मीणा, हेमराज मीणा, रामराज मीणा, शंकरलाल गोठड़ा, विकास मीणा, अमर सिंह मीणा सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य पर आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से रोक दिया गया।
बाढ़ और नुकसान की जताई आशंका
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नाले के भीतर सेफ्टी वॉल का निर्माण किया गया तो उसकी प्राकृतिक आकृति और जल प्रवाह पूरी तरह बदल जाएगा। इससे बरसात के दौरान पानी की निकासी बाधित होगी और आसपास के घरों, खेतों तथा अन्य संपत्तियों को भारी नुकसान होने के साथ बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
प्रशासन को कई बार सौंप चुके हैं ज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में वे कई बार जिला प्रशासन और जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर अपनी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने बताया कि यह मामला वर्तमान में जिला स्थायी लोक अदालत में भी विचाराधीन है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) और निर्माण एजेंसी के जिम्मेदार अधिकारी अब तक प्रस्तावित डिजाइन या ड्राइंग के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।
ब्रिज या पर्याप्त स्पैन की पुलिया बनाने की मांग
ग्रामीणों की मांग है कि प्राकृतिक लटिया नाले की चौड़ाई और मूल स्वरूप से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाए। उन्होंने नाले के ऊपर ब्रिज अथवा पर्याप्त स्पैन वाली पुलिया का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि वर्षा जल का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित न हो और भविष्य में बाढ़ जैसी स्थिति से बचा जा सके।
आंदोलन की चेतावनी, लोक अदालत में भी मामला विचाराधीन
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और नाले की प्राकृतिक संरचना के साथ छेड़छाड़ की गई तो वे संगठित होकर आंदोलन करेंगे।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में जिला स्थायी लोक अदालत में अधिवक्ता मुकेश कुमार ‘भूप्रेमी’ द्वारा जनहित में लटिया नाला संरक्षण की पैरवी की जा रही है।
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Gangapur City, Rajasthan
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