राष्‍ट्र के निर्माण में करदाता का योगदान


राष्‍ट्र के निर्माण में करदाता का योगदान

प्रयागराज। बुधवार को आयकर भवन के सभागार में मुख्य आयकर आयुक्त डा० शिखा दरबारी ने प्रयागराज के सम्मानित कर दाताओं, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों , चार्टर्ड एकाउन्‍टेंट , आयकर बार एसोसियेशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से सीधा संवाद किया। वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्राप्त या कमाई गई आय पर अग्रिम कर की तीसरी किस्त दिनांक 15 दिसंबर 2023 या इससे पूर्व जमा किया जाना है । इस मुद्दे पर चर्चा करने हेतु आयकर सभागार में इलाहाबाद के प्रतिष्ठित कर दाता, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, चार्टर्ड एकाउन्‍टेंट एवं अधिवक्ता गण को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य आयकर आयुक्त डा०शिखा दरबारी के द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। कार्यक्रम को सम्‍बोधित करते हुए मुख्य आयकर आयुक्त डा०शिखा दरबारी ने कहा कि देश के निर्माण में कर दाता महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं जिस प्रकार से घर परिवार को चलाने के लिए धन की आवश्यकता होती है उसी प्रकार देश को चलाने के लिए, देश के विकास के लिए, विभिन्न परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिए भी धन की आवश्यकता होती है और उक्त धन का एक बड़ा अंश आयकर से आता है। जहां अन्य कर जनता से अप्रत्यक्ष रूप से लिए जाते है वहीं आयकर, कर दाता द्वारा स्वयं घोषित आय पर लिया जाता है, कर दाता स्वयं घोषित करता है कि उसे वित्तीय वर्ष में कितनी आय हुई और वह कितना कर अदा करेगा । सरकार द्वारा पूरी छूट दी गई है कि कर दाता अपनी आय को स्वतः घोषित करें लेकिन आज तकनीक का जमाना है और कुछ भी विभाग से छुपा नहीं हुआ है आप कोई भी लेन-देन करते है उसका विवरण विभाग के पास आ जाता है इसलिए कर दाता से अपेक्षा है कि वे अपनी आय की सही संगणना करें और नियमानुसार अग्रिम कर जमा करें, भारी भर कम ब्याज जमा करने एवं अनावश्यक जांच पडताल से बचें। मुख्य आयकर आयुक्त ने इलाहाबाद में व्यापार में वृद्धि या कंपनियों के न होने पर चिंता भी व्यक्ति की, कहा कि व्यापार मंडल प्रयास करे कि इलाहाबाद में उद्योग में वृद्धि हो, इलाहाबाद तरक्की करेl अपर आयकर आयुक्‍त श्री शिव कुमार राय ने बताया कि इलाहाबाद परिक्षेत्र में गत वर्ष 534 कर दाता ऐसे थे जिन्होंने रू० दस लाख या उससे अधिक का अग्रिम कर जमा किया था, 99 कर दाता ऐसे थे जिन्होंने रू० पचास लाख या उससे अधिक का अग्रिम कर जमा किया था, 39 कर दाता ऐसे थे जिन्होंने रू० एक करोड या उससे अधिक का अग्रिम कर जमा किया था वर्तमान वर्ष के रूझान को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि इलाहाबाद में इन संख्याओं में और वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में आज कुछ ऐसे भी लोग हैं जिन्‍हें कर अदा करना चाहिए लेकिन वे कर अदा नहीं करते हैं, उन्हें जागरूक करना है और यह समझाना है कि उनके द्वारा अदा किया गया कर राष्ट्र के नव निर्माण में उनका योगदान होता है।


WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now