प्रयागराज। क्षेत्र में एक बार फिर मौसम ने करवट बदला कभी पुरवाई तो कभी पछुआ हवा के झकोरों से मौसम की आंख मिचोली का खेल शुरू हुआ। हवाओं में हो रहे बदलावों के बीच मौसम में आए अचानक बदलाव ने गलन के साथ ही ठंड को बढ़ा दिया है। रविवार के दोपहर बाद हुई बूंदाबादी बारिश में तब्दील हो गई।पूरा दिन हुई रुक रुक कर बारिश ने ठंड के प्रकोप को बढ़ा दिया है। बारिश होने और धूप न निकलने की वजह से तमाम लोग दिन भर रजाइयों में ही कैद रहे। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार ही शनिवार देर रात से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। सुबह होते ही कई इलाकों में अंधेरा छा गया।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में कड़ाके की सर्दी पड़नी तय है। इस बार ठंड की शुरुआत देर से हुई है,इसलिए फरवरी महीने तक ठंड पड़ने के आसार हैं।उधर बारिश की वजह से रविवार को पूरे दिन आसमान में बादलों ने डेरा जमाए रखा। इस दौरान सर्द हवाएं भी चलती रही। आज सूरज के भी दर्शन तकरीबन नहीं हुए। प्रयागराज में बारिश की संभावना पहले से ही मौसम वैज्ञानिक जाहिर कर चुके थे। दोपहर के बाद शुरू हुई बारिश के बाद सड़कों के किनारे पानी लग गया।जिसकी वजह से आवाजाही में लोगों को मुसीबत उठानी पड़ी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी एक बार फिर से बारिश होने की संभावना बनी हुई है। कहते हैं ना की डूबते को तिनके का सहारा इंद्रदेव ने झमाझम बौछारों की झड़ी लगा दी।अन्नदाताओं के चेहरे लहलहाती हुई फसलों को देखकर एक बार फिर खिल उठे। हाला कि किसानों की मानें तो यह बारिश अधिकांश फसलों के लिए फायदेमंद बताई जा रही है।बता दें कि शनिवार को पूरा दिन धूप के इंतजार में बीता दोपहर बाद सर्द हवाओं ने ठंड बढ़ा दी। न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी के बाद भी ठंड व गलन में किसी प्रकार की राहत नहीं महसूस की गई। लगातार बिगड़ रहे मौसम से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। सबसे अधिक परेशानी अन्ना जानवरों, रोडवेज व रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को हो रही है। शनिवार को हुई हल्की बरसात ने ठंड के साथ ठिठुरन भी बढ़ा दी है। सड़कों पर कीचड़ होने से आवागमन में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पछुआ हवा चलने व विक्षोभ का असर होने से रुक-रुक कर बारिश हो रही है साथ ही आसमान में काली घटाओं ने डेरा जमा रखा है जिससे गलन बढ़ गई है आवा गमन पर भी काफी असर पड़ रहा है।