विद्यालयों में समाप्त किये गये उप प्राचार्य के पद को वरिष्ठ व्याख्याता  एल-15 किया जाए


गंगापुर सिटी|राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के प्रदेश मंत्री सोहनलाल गुप्ता ने मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, शिक्षा मंत्री, प्रमुख शासन सचिव राजस्थान सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि उप्राचार्य के पद को डाईंग कर वरिष्ठ व्याख्याता का नया पद सृजन किया गया है जिसकी वित्त विभाग ने शिक्षा विभाग को वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है इसमें वरिष्ठ व्याख्याता को एल 14 दिया गया है जो कि न्याय संगत नहीं है क्योंकि भविष्य में प्रधानाचार्य का पद रिक्त होने पर स्कूल की वरिष्ठ व्याख्याता को ही अतिरिक्त कार्यभार दिया जाएगा विषय के शिक्षण के साथ-साथ स्कूल की प्रशासनिक व्यवस्था को भी देखना होगा।
प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि शिक्षा विभाग में सृजित किए गए नए पद वरिष्ठ व्याख्याता के पहले सेवा नियम बनेंगे । उसके बाद पदों का सृजन और संख्या तय होगी। वही व्याख्याता के पदों पर विषय वार डीपीसी होती है, वरिष्ठ व्याख्याता पदों पर डीपीसी विषयवार या व्याख्याताओं की मिश्रित वरियता सूची से होगी, यह तय होना भी बाकी है ।
कार्यकारी प्रांतीय अध्यक्ष ने बताया कि पूर्व नियमों की तरह ही व्याख्याता की डीपीसी सीधे प्रिंसिपल पद पर होनी चाहिए। वरिष्ठ व्याख्याता का नया पद नहीं बनाया जाना चाहिए।राज्य सरकार को नित नए नियम बनाने की जरूरत नहीं है तथा सीनियर व्याख्याता के लिए योग्यता और कार्य विभाजन की स्वीकृति एवं पद आवंटन की कसरत नहीं करनी पड़ेगी
गुप्ता ने पत्र लिखकर मांग कि है कि यदि वरिष्ठ व्याख्याता का नया पद सृजन जो किया गया है वह विषय विशेष व्याख्याता की बजाय सामान्य व्याख्याता का कर वेतन निर्धारण एल-14 की बजाय एल-15 किया जावे।


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