नगरपालिका चौराहे पर बनी रहती है हमेशा जाम जैसी स्थिति
बौंली|क्षेत्र के नगर पालिका चौराहे उपखंड मुख्यालय बौंली पर हमेशा बनी रहती है जाम जैसी स्थिति। नगरपालिका चौराहे से सवाई माधोपुर, लालसोट व निवाई सड़क मार्ग के अलावा बौंली नगर को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग चौराहे पर शामिल है इस कारण यहां हमेशा यातायात का दबाव बना रहता है एवं भीड़भाड़ के कारण जाम जैसी स्थिति बनी रहती है प्रमुख चौराहे पर निकलने के लिए दिन में अनेकों बार तीनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है जिन्हें हटने में काफी समय लग जाता है इस मुख्य चौराहे से आसपास ग्रामीण क्षेत्रों से महाविद्यालय व विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं भी अपने व विद्यालयों के साधनों से आते जाते रहते हैं। इस समस्या को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला एवं नवनियुक्त सीओ मीनी मीणा को प्रेस वार्ता के दौरान वरिष्ठ पत्रकार श्रद्धा ओम त्रिवेदी एवं चंद्रप्रकाश सिंघल ने समस्या से अवगत कराते हुए समाधान का अनुरोध किया था एवं उस प्रेस वार्ता के दौरान सीओ मीना मीणा ने यहां पर हमेशा यातायात सुचारू रखने के लिए एक कांस्टेबल की नियुक्ति करने का भरोसा भी दिलाया था लेकिन 1 दिन भी ना तो वह स्वयं यहां पर कोई व्यवस्था देखने आई और न ही किसी पुलिसकर्मी को यहां आकर इस गंभीर समस्या पर ध्यान देने को भेजा। नगरपालिका चौराहे पर निजी बसें बाईकों व अन्य साधन फल सब्जी, कचोरी समोसे वालों के ठैलों के कारण रोड के आस पास बहुत कम जगह नजर आती है जिससे वाहनों को निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है वर्तमान में स्टेट हाईवे 117 का कार्य भी यहां पर निर्माणाधीन है लेकिन उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था का मार्ग सुचारू कर रखा है यह समस्या केवल पुलिस विभाग की अनदेखी का ही एक कारण है यहां पर 1 जवान तैनात रहे तो इस प्रकार मेन रोड पर बाइक व अन्य साधनों को कोई भी खड़ा नहीं करेगा वह आम आदमी को भी जाम की परेशानी से निजात मिल सकेगी सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं को होती है जिससे वह समय पर महाविद्यालय में विद्यालयों में नहीं पहुंच पाते एवं उन्हें वापस छुट्टी होने पर गांव में लोटते समय काफी समय लग जाता है इस कारण उनके अभिभावक भी उनको लेकर चिंतित हो जाते हैं। जब से भ्रष्ट राजनीति का शिकार होकर सर्किल इंस्पेक्टर कुसुमलता मीणा का यहां से स्थानांतरण करवाया गया है तब से यहां पर पुलिस नाम की कोई व्यवस्था देखने को नहीं मिलती उनके कार्यकाल के दौरान वह एक-दो दिन में या एक बार अवश्य नगरपालिका के चौराहे पर आकर स्वयं व्यवस्था देखती थी एवं उस समय अपराधिक, नशेड़ी, रोड चौराहे छाप, छूट भैया चोर, बजरी माफिया सब भयभीत रहते थे एवं भूमिगत हो गए थे अब वही अंधेर नगरी चौपट राजा का सा हाल होता जा रहा है। इस समस्या को लेकर जब बौंली सीओ मीना मीणा से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि अभी मैं जयपुर हूं और व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस कांस्टेबल को भेजती हूं देखते हैं उनकी बात में कितना दम है पहले भी उन्होंने आश्वासन दिया था अब वह क्या करती है।

1996 से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं। 1996 से दैनिक भास्कर में बौंली, बामनवास एवं सन 2000 में दैनिक भास्कर ब्यूरो चीफ गंगापुर सिटी। 2003 से पंजाब केसरी और वर्तमान में राष्ट्रदूत। अनेकों चैनल व अखबारों में कार्यरत हैं। आवाज आपकी न्यूज पोर्टल में पत्रकार हैं।