15 वर्षीय कर्मवीर की मौत के जिम्मेदार 5 दिन बाद भी गिरफ्त से बाहर


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15 वर्षीय कर्मवीर की मौत के जिम्मेदार 5 दिन बाद भी गिरफ्त से बाहर

शुक्रवार दोपहर की घटना,शनिवार तक तीनों आरोपी गांव में ही मौजूद ,रविवार को हुए फरार

मृतक कर्मवीर के साथी दोस्तों की जुबानी दर्दनाक घटना की कहानी

गांव में पसरा सन्नाटा परिवारी जनों का रो -रो कर बुरा हाल

नदबई .थाना क्षेत्र के गांव रायसीस में शुक्रवार दोपहर हुए दर्दनाक हादसे में जलदाय विभाग के कर्मचारी एवं उसके पुत्रों द्वारा की गई लापरवाही से एक घर का चिराग बुझ गया। आलम यह है कि गांव में चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है और मृतक बच्चे कर्मवीर की मां और बहनों सहित परिवारीजनों का रो रो कर बुरा हाल है। 20 मीटर ऊंची जलदाय विभाग की टंकी में जमे हुए कीचड़ की सफाई के लिए आरोपी ठेकेदार रमनलाल द्वारा 10 से 15 साल के 3 मासूमों को 100-100 रुपए का लालच देकर मौत के कुएं में उतारने वाला ठेकेदार और उसके दोनों पुत्र 5 दिन निकल जाने के बावजूद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि शुक्रवार दोपहर 3:30 बजे घटित हुई घटना के बाद शनिवार समय तक तीनों आरोपी गांव में ही थे। लेकिन रविवार सुबह जानकारी हुई कि तीनों आरोपी गांव से फरार हो चुके हैं।
आज मृतक परिवार जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा से मिला और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। वहीं जिला पुलिस अधीक्षक ने जल्दी ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया।

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मृतक कर्मवीर के साथी दोस्तों की जुबानी, दर्दनाक हादसे की कहानी-

दर्दनाक हादसे में मृतक कर्मवीर के साथ टंकी में उतरे 10 वर्षीय धीरू ने बताया कि वह सचिन और कर्मवीर शुक्रवार दोपहर करीब 2.30 बजे जलदाय विभाग की टंकी के पास खेल रहे थे। तभी वहां ताऊ (ठेकेदार रमनलाल) और उसके बेटे यदुवीर और पुष्पेंद्र आए। वहां पहुंच कर ताऊ ने कहा कि एक काम करना है, टंकी साफ करनी है, अगर तुम लोग साफ करोगे तो 100-100 रुपए दूंगा। हम तीनों सफाई करने के लिए तैयार हो गए। लेकिन टंकी की सीमेंटेड सीढ़ियां थोड़ी ऊपर थी, इसलिए लोहे की सीढ़ी लाकर ठेकेदार ने हमें चढ़ा दिया। ठेकेदार खुद और उसका बेटा भी साथ चढ़ गया।उपर जाकर देखा कि टंकी के अंदर जाने के लिए लोहे की सीढ़ियां लगी थीं। हम तीनों अंदर उतर गए। टंकी में कमर तक पानी था, वहां काफी कीचड़ भी भरा हुआ था। ठेकेदार का बेटा टंकी के बाहर ही खड़ा होकर बताने लगा और हम तीनों जमा मिट्टी को पैरों से साफ करने लगे।
ठेकेदार हमें वहां छोड़कर नीचे चला गया। हमने उसे कहा था कि हम बाहर आ जाएं तब वॉल्व खोलना। लेकिन उसने वॉल्व खोल दिया। इससे कर्मवीर का एक पैर पाइप में और दूसरा कीचड़ में फंस गया। हमने उसे खींचकर निकालने की कोशिश की। हम चिल्लाए कि वॉल्व बंद कर दो। लेकिन ठेकेदार ने नहीं सुना। जब गांव के लोग पहुंचे, तब ठेकेदार टंकी पर चढ़ा।

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कीचड़ की वजह से कर्मवीर को नहीं दिखा पाइप

कर्मवीर का शव निकालने वाले युवक सन्नी ने बताया- टंकी के तल में इतना कीचड़ था कि सप्लाई का पाइप (जो सतह के तल में था) दिखाई नहीं दे रहा था। ठेकेदार ने बच्चों से कहा था कि पैर से टटोलकर पाइप का पता लगाओ और कीचड़ को साफ करो। कीचड़ को पानी में घोलकर ठेकेदार उसे सप्लाई के रास्ते बाहर निकालना चाहता था।
ठेकेदार ने कहा भी था कि पानी सप्लाई करते हैं तो मिट्टी जाती है। इसलिए उसने बच्चों को 100-100 रुपए का लालच दिया। ठेकेदार रमनलाल खुद भी ऊपर गया था और बच्चों से कहा था कि कीचड़ में पंप की तलाश करो, वह कीचड़ में धंसा हुआ है, मिट्टी हटाओगे तो पाइप दिखेगा।
उसने बच्चों से कहा था कि मैं नीचे जाता हूं, और वॉल्व चालू करता हूं, तुम मिट्टी को पैर से हटाना। ठेकेदार को वॉल्व को कम खोलना था, ताकि पानी कम प्रेशर से आए। लेकिन उसने पूरा वॉल्व खोल दिया। ऐसे में कर्मवीर प्रेशर में फंस गया। सचिन और धीरू ने उसे खींचकर निकालने की कोशिश की लेकिन वे उसने नहीं निकाल पाए। बाद में मैं, मेरे पिता तोरन सिंह, भूपेंद्र, संजय, ठेकेदार का बेटा यदुवीर ये लोग टंकी में उतरे। तब तक कर्मवीर की मौत हो चुकी थी।

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घर में मातम, पति के बाद खोया बेटा

कर्मवीर जब एक साल का था तो उसके पिता मान सिंह की मौत हो गई थी। कर्मवीर की मां ओमवती (48) ने खेतिहर मजदूरी कर 5 बच्चों का लालन पालन किया। 3 बेटियों की 4 साल पहले शादी की। ओमवती और उसका बड़ा बेटा मजदूरी कर घर चलाते हैं। कर्मवीर सबसे छोटा और होनहार था। वह सबका लाड़ला था। आठवीं क्लास में पढ़ता था।शुक्रवार घर से 200 मीटर दूर टंकी में बेटे की मौत होने की खबर मिली तो ओमवती भागकर मौके पर पहुंची। जिस बेटे को हिदायतें देकर खेत पर गई थी, उसकी लाश ही टंकी से बाहर आई।

मां ने कहा- खेत पर मजदूरी पर जाने से पहले उसे कहकर गई थी कि बेटा घर में रहना और पढ़ाई करना। लेकिन उसने बात नहीं मानी और दोस्तों के साथ खेलने चला गया। इसके बाद मां कुछ बोल नहीं पाई। तीनों बड़ी बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है।

वर्जन. रामवीर वर्मा
जेईएन जलदाय विभाग
नदबई
टंकी लगभग 2 लाख लीटर की है और इसकी ऊंचाई 20 मीटर है। नदबई थाने में ठेकेदार रमनलाल, उसके बेटों यदुवीर और पुष्पेंद्र के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज है।

वर्जन. कैलाश बैरवा
थानाधिकारी नदबई

मामले में किसी भी आरोपी की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। लगातार प्रयास जारी हैं, शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा ।।

 


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