शिक्षक संघ (सियाराम) के दो दिवसीय प्रांतीय शैक्षिक अधिवेशन


सभी अतिथियों ने संगठन के सामाजिक सरोकार सम्बन्धी कार्यों की सराहना की

अन्य कार्य कम करके शिक्षकों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय दे सरकार – जुगलकिशोर

शिक्षकों की माँग- भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में शिक्षकों से किए वायदे निभाए सरकार

गंगापुर सिटी, 03 जनवरी| राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के दो दिवसीय शैक्षिक अधिवेशन का शुभारंभ आदर्श नगर जयपुर स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय के प्रांगण में हुआ।प्रदेश महामंत्री व सम्मेलन संयोजक नवीन कुमार शर्मा ने बताया कि अधिवेशन के उद्घाटन समारोह के अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के
वरिष्ठ प्रचारक व विश्व हिंदू परिषद की अखिल भारतीय कार्य समिति के सदस्य जुगल किशोर,सिविल लाइंस विधायक डॉ गोपाल शर्मा ,खेतड़ी विधायक धर्मपाल गुर्जर ,आदर्श नगर विधायक प्रत्याशी रवि नैय्यर,राजस्थान कर्मचारी महासंघ एकीकृत के प्रमुख महेंद्र सिंह,पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मारक समिति के अध्यक्ष व पूर्व कुलपति प्रो. मोहन लाल छीपा थे।वरिष्ठ प्रचारक जुगल किशोर ने अपने उद्बोधन में कहा कि अन्य कार्यों को कम करके सरकार को शिक्षकों को पढाने के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए।आज के दौर में शिक्षा के साथ-साथ बालकों में संस्कार व राष्ट्र भक्ति की भावना भरने की आवश्यकता है।शिक्षकों को इस पर कार्य करना चाहिए।
शिक्षक संघ (सियाराम) के संस्थापक व मुख्य संरक्षक सियाराम शर्मा ने शिक्षकों से स्वयं आचार संहिता का पालन करते हुए विद्यालय में समर्पित भाव से कार्य करना चाहिए।संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा ने अपने स्वागत उद्बोधन में अतिथियों व आगन्तुक शिक्षकों का स्वागत करते हुए तृतीय वेतन श्रंखला शिक्षकों की डीपीसी व स्थानांतरण करने की मांग की। जिला अध्यक्ष सुरेश चंद्र शर्मा ने बताया कि संगठन के पदाधिकारियों ने सरकार से भाजपा द्वारा चुनावी घोषणा पत्र में शिक्षकों व शिक्षार्थियों से किए वायदों को पूरा करने की मांग की। मुख्य वक्ता प्रो. मोहन लाल छीपा ने कहा कि शिक्षक सच्चे संवाहक है, वे प्राचीन,मध्य काल व वर्तमान पर फ़ोकस कर मूल्य आधारित शिक्षा से अपने विद्यार्थियों को अवगत कराते हैं। खेतड़ी विधायक धर्मपाल गुर्जर ने कहा कि संस्कारवान पीढ़ियो के निर्माण करने का जिम्मा शिक्षकों पर हैं।यह वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लेकर आए इसके लिए सभी को शुभकामनाएं दी। सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने शिक्षकों का गुलाबी नगरी में स्वागत करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी संस्कारवान हो यह जिम्मेदारी हम सबकी हैं।उन्होंने शिक्षक संघ (सियाराम) के सामाजिक सरोकारों की सराहना कर संगठन के विशाल हृदय की सराहना की।उन्होंने कहा कि शिक्षक जब याचक बन जाए तो देश के साथ गलत होगा। उन्होंने शिक्षक संघ के मांग पत्र को सरकार के समक्ष रखने का विश्वास दिलाया। राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ एकीकृत के प्रमुख महेन्द्र सिंह ने सरकार को चेताया कि कर्मचारी आंदोलन की राह पर हैं,सरकार अपने घोषणा पत्र के वायदों को शीघ्र पूरा करे।संगठन के संस्थापक व संरक्षक सियाराम शर्मा ने कार्यकर्ताओं को ईमानदारी पूर्वक कार्य करते हुए संगठन को मजबूत करने पर बल दिया।सम्मेलन संयोजक व महामंत्री नवीन शर्मा ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
द्वितीय दिवस में प्रदेश मंत्री सोहन लाल गुप्ता ने शिक्षकों की निम्न मांगों पर विचार रखे जिनमें संस्कृत शिक्षा अधिकारी का पद श्रजित किया जाए, बीएलओ का पद श्रजित किया जाए, सभी संवर्गों की नियमित डीपीसी की जावे, ऑनलाइन पोस्टिंग पर पीएल और यात्रा-भत्ता दिया जाए, रविवार को आयोजित प्रतियोगिता परीक्षा की एवज में क्षतिपूर्ति अवकाश दिया जाए, सभी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में व्याख्याताओं के पद श्रजित किये जाए, विद्यालयों में जमींदोज किये गये कमरों की स्वीकृति कि जावे, शिक्षकों का समानीकरण किया जाए, शिक्षकों के स्थानांतरण पारदर्शी नीति बनाई जाए, पीईईओ को एल-17 दी जाए, आरजीएचएस में पति-पत्नी सेवारत होने पर कटौतियां दोनों के वेतन से कि जाती है जबकि लाभ एक ही एकाउंट से मिलता है और उनकी सुविधा एक ही एकाउंट से दी जाती है जबकि दोनों के वेतन को जोड़कर सुविधा दी जावे।
प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में सुरेश चंद्र शर्मा,फिरोज खान,सुनील शर्मा,जितेंद्र वर्मा, कमलेश मीणा, सोहन लाल गुप्ता, गोपाल लाल गुप्ता, गिरीश कुमार गुप्ता, नरेश सिसोदिया, शिवचरण मीणा, श्रीजेश गुर्जर, सत्य प्रकाश गर्ग, फिरोज खान,कैलाश चंद शर्मा, महेश चंद जैन, चंद्रप्रकाश गर्ग, श्रीमती रेखा रानी मित्तल,साक्षी, विमलेश चतुर्वेदी, रघुवीर जाटव,पवन कुमार शर्मा, सुल्तान मीणा एवं शिक्षक बन्धुओं ने भाग लिया।

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