विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय बागीदौरा द्वारा अभिभावकों की गोष्ठी का आयोजन नागावाड़ा में


कुशलगढ़| विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय, बागीदौरा द्वारा अभिभावकों की गोष्ठी का आयोजन नागावाड़ा में किया गया। जिसमें अतिथियों के रूप में मानेंग पटेल (विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत सचिव), विकास राज जी भाई साहब (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विभाग प्रचारक बांसवाड़ा) ,राकेश डामोर (विद्या भारती राजस्थान के मंत्री व विद्या भारती जनजाति समिति राजस्थान के सहमंत्री), गोविंद जी भाई साहब (जिला प्रचारक बांसवाड़ा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ)एवं कपिल पाटीदार AEN व पूर्व छात्र परिषद संयोजक विद्या निकेतन बागीदौरा) का पाथेय प्राप्त हुआ। प्रारंभ में अतिथियों द्वारा मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर इस गोष्ठी का शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात अतिथियों का तिलक एवं उपर्णा द्वारा स्वागत किया गया।अतिथियों का परिचय विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पूनम सोलंकी ने करवाया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के पूर्व छात्रों ने विद्यालय में अध्ययन के दौरान प्राप्त अपने अनुभव भी बताएं। विद्यालय के पूर्व छात्र कपिल पाटीदार ने अनुभव कथन बताते हुए कहां कि बालक के अध्ययन का उद्देश्य जीवन को सार्थक बनाना है कपिल पाटीदार ने बताया कि विद्यालय से प्राप्त संस्कार जीवन निर्माण का कार्य करते हैं ऐसा बताते हुए कहां कि अंग्रेजी एक भाषा है जीवन जीने की शैली नहीं है विद्यालय के पूर्व छात्र निलेश पटेल ने विद्या भारती की कार्यशैली सबसे अलग है ऐसा बताते हुए उन्होंने कहां कि बाकी संस्थान धनोपार्जन हेतु कार्य करते हैं परंतु विद्या भारती व्यक्ति निर्माण का कार्य करती है उन्होंने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत एक कविता भी सुनायी ।अनुभव कथन के पश्चात विद्यालय की बहिनाओं द्वारा सुंदर नृत्य भी प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में मानेंग पटेल ने बताया कि बालक को शिक्षा उसे भाषा में देना जिस भाषा में उसे समझ आए अर्थात उन्होंने मातृभाषा सर्वोपरि की बात कही। समाज में शिक्षा की कमी या मूल्य विहीन संस्कार विहीन शिक्षा प्रणाली के कारण व्यक्ति संवेदना शून्य हो रहा है जिस कारण व्यक्ति अपराध की ओर बढ़ रहा है। बालकों को शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त कर सके ऐसी न देकर संस्कारों से युक्त दी जावे। बालक को संगीत, योग, नैतिक व
आध्यात्मिक, शारीरिक शिक्षा ,की शिक्षा दी जावे ।
कार्यक्रम में उपस्थित विभाग प्रचारक जी ने अभिभावकों व प्रबुद्ध जनों को संबोधित करते हुए कहां कि यह देश का दुर्भाग्य रहा है कि यहां अंग्रेजों द्वारा स्थापित पाश्चात्य शिक्षा के कारण आज समाज में विकृति आ गई है बालक को शिक्षा संस्कार से युक्त दी जावे। पाश्चात्य शिक्षा व्यक्ति निर्माण का कार्य न करके केवल नौकरी तक की सीमित कर देती है भाई साहब ने अंग्रेजी वह हिंदी माध्यम के मध्य भेद बताते हो कहां कि हम हमारे बालक को हिंदी माध्यम के विद्यालय में ही प्रवेश दिलवाएं। राकेश डामोर ने उपस्थित जनमानस को संबोधित करते हुए कहां कि आप सभी अपने बालको का प्रवेश ऐसे विद्यालय में करवाए जहां शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों की बात की जाती है ।
कार्यक्रम के अंत में हिमांशु पटेल ने आभार व्यक्त करते हुए बताया कि राष्ट्रभक्ति व संस्कारों से ओत प्रोत शिक्षा हेतु अपने बालक को विद्या निकेतन विद्यालय में भेजें। कार्यक्रम का संयोजन कल्पेश दवे ने किया। गोष्ठी में 115 अभिभावक सम्मिलित हुए।
उक्त जानकारी विद्यालय के मीडिया प्रमुख भरत रख ने दी।


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