ग्रामीणों ने नियमित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की मांग उठाई, जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन।
सवाई माधोपुर। वजीरपुर पीएचसी में समयपालन और स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का निर्धारित समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक होने के बावजूद अधिकांश चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टाफ समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचता। इतना ही नहीं, कई कर्मचारी निर्धारित समय से पहले ही अस्पताल छोड़कर चले जाते हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को घंटों तक चिकित्सकों और कर्मचारियों का इंतजार करना पड़ता है। कई बार स्थिति ऐसी बन जाती है कि मरीज बिना उपचार कराए ही वापस लौटने को मजबूर हो जाते हैं। इसका सबसे अधिक असर गरीब, बुजुर्ग, महिलाओं और दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले जरूरतमंद मरीजों पर पड़ रहा है।
निरीक्षण में 10 में से केवल चार कर्मचारी मिले मौजूद
ग्रामीणों के अनुसार, अस्पताल का निरीक्षण किए जाने पर स्वीकृत 10 कर्मचारियों में से केवल चार कर्मचारी ही मौके पर उपस्थित मिले। शेष कर्मचारियों के संबंध में किसी के दवा लेने जाने तो किसी के अन्य कार्य से बाहर होने की जानकारी दी गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्थिति कोई नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से बनी हुई है। कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद अस्पताल की व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिला है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में नियमित रूप से चिकित्सक एवं स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं होने से आमजन को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही अस्पताल में नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि क्षेत्र के लोगों को समय पर उपचार मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए उपचार का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में कर्मचारियों की लापरवाही से आमजन का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
नव नियुक्त चिकित्सा अधिकारी ने दिया कार्रवाई का भरोसा
इस संबंध में नव नियुक्त चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम खिलाड़ी मीणा ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार को ही पीएचसी में कार्यभार ग्रहण किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
सीएमएचओ बोले- लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं
वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अनिल जैमनी ने भी स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्राप्त शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि जांच में कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आमजन को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विभाग पूरी गंभीरता से कार्य करेगा।
यह भी पढ़ें:

Gangapur City, Rajasthan
Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:
सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।