कृष्ण जन्म पर महिलाओं ने गाए मंगल गीत


सजाई कृष्ण जन्म की संजीव झांकी

नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल

श्रीमद् भागवत कथा में कृष्ण जन्म पर महिलाओं ने गाए मंगल गीत सजाई कृष्ण जन्म की संजीव झांकी, नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की दैनिक खबर शेखावाटी। पंकज शर्मा। गंगापुर सिटी, 22 मार्च। विजय पैलेस में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस शनिवार को राष्ट्रीय संत परम पूज्य आचार्य डॉ,संतोष दास महाराज के मुखारविंद से जड़ भरत राजा रघु, कपिल मुनि कथा दुर्वासा ऋषि गुरु बृहस्पति इंद्रदेव दधीचि ऋषि, वाराह अवतार महादानी राजाबली, गज ग्राह, भागीरथ, राजा दशरथ श्री राम जन्म श्री कृष्ण जन्म कथा का बखान किया। श्रीमद् भागवत कथा में आचार्य ने कहा कि जिसकी नियत साफ है, नीति उसके साथ है। जिस जीव का जन्म होगा, उसकी मृत्यु भी निश्चित है। मृत्यु के समीप आने पर चित में जो होगा वही रूप अगले जन्म में मिलेगा, इसलिए मन और चित में परमात्मा का ध्यान करें। जिसने बचपन में भजन नहीं किया वह पचपन में क्या करेगा, इसलिए अपने पुत्र पौत्रों को बचपन से भजन, ध्यान का साधक बनाना चाहिए। जीवन में व्यवहार ही नहीं परमार्थ करें लेकिन देखने में मिलता है की व्यक्ति परमार्थ को स्वार्थ में बदल लेता है। धर्म कर्म करता है, भंडारा करता है, भंडारे में सभी रिश्तेदारों को बुलाता है, जब तक रिश्तेदार भाई बंधु भंडारा ग्रहण नहीं कर ले तब तक किसी गरीब को भंडारा में शामिल नहीं करता। आचार्य ने कहा की जीव जैसे कर्म करता है उसी प्रकार का स्वर्ग, नरक भोगता है।

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कर्म दर्पण के समान है, भागवत में 28 प्रकार के नरक भोगने का उल्लेख किया है। आचार्य द्वारा शुक्राचार्य, इंद्रदेव, दैत्य युद्ध कथा ऋषि दधीचि द्वारा देवताओं के लिए ‌अपने शरीर का त्याग करने की कथा का वृतांत सुनाया। समुद्र मंथन के साथ वृत्तासुर कथा भागीरथ कथा के साथ राम जन्म कथा का बखान किया। वराह अवतार भगवान की झांकी सजाई। आचार्य ने अपनी मधुर वाणी से श्री कृष्ण जन्म का संगीत और भजनों के माध्यम से बखान करते हुए कहा कि माता देवकी के गर्भ से भगवान कृष्ण ने जन्म लिया। जेल में वासुदेव माता देवकी की वेडिया अपने आप खुल गई जेल के ताले टूट गए वासुदेव भगवान को वेग से बह रही यमुना नदी के बीच में होकर गोकुल लेकर पहुंचे, कथा में बालकृष्ण को मथुरा से गोकुल ले जाने का सजीव चित्रण किया गया जिसे देखकर दर्शक और श्रद्धालुओं से भरा हुआ पांडाल में श्रोता भाव विभोर हो गए। पंडाल में उपस्थित महिलाओं ने मंगल गीत गाए। बधाइयां दीं, पंडाल में उपस्थित महिलाओं ने कृष्ण जन्म पर नृत्य किया। व्यास पीठ गद्दी से बधाइयां बांटी। कथा समापन पर कार्यक्रम कार्यकर्ता मांगीलाल रूपचं,द प्रेमचंद, राधा मोहन गोयल, वेद प्रकाश मंगल, सतीश चंद, कुलदीप, गौरव, रवि गुप्ता, गोविंद दीक्षित, महादेव प्रसाद आदि ने पंडाल में उपस्थित सभी श्रोता और भक्तों को माखन मिश्री की प्रसादी वितरण की आयोजन से जुड़े चेतन रवि तलवाड़ा ने बताया कि रविवार को श्री कृष्ण भगवान की बाल लीलाओं का वर्णन गोवर्धन पूजा की कथा सुनाई जावेगी।

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