दशामाता की कहानी सुनकर की पूजा, अर्चना‌


बौंली, बामनवास। श्रद्धा ओम त्रिवेदी। क्षेत्र में महिलाओं ने अपने परिवार की सुख संपन्नता व ग्रहदशा व दिशा सुधारने की कामना को लेकर दशामाता की कहानी सुनकर पूजा अर्चना की इस धार्मिक पावन पर्व पर महिलाओं ने कच्चे सूत के 10 धागों में 10 गांठे बांधकर दशामाता की कथा सुनकर एवं पूजा, अर्चना के बाद 1 वर्ष के लिए अपने गले में धारण किया एवं पीपल के पेड़ की पूजा के बाद घर पर हल्दी कुमकुम के छापे लगाएं।


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