सुजुकी एनक्लेव में योग शिविर के दूसरे दिन साधकों ने ध्यान, प्राणायाम और सात चक्रों के महत्व को विस्तार से समझा।
भीलवाड़ा। पंकज पोरवाल।आधुनिक जीवन-शैली में बढ़ते तनाव से मुक्ति तथा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के लिए योग और ध्यान सबसे प्रभावी माध्यम हैं। यह बात मुंगेर बिहार योग विद्यालय, मुंगेर से प्रशिक्षित योगाचार्य उमाशंकर भाई ने सुजुकी एनक्लेव में आयोजित विशेष योग सत्र के दौरान कही। वे श्री केशव स्मृति सेवा प्रन्यास के तत्वावधान में आयोजित योग शिविर में उपस्थित योग साधकों को संबोधित कर रहे थे।
सात चक्रों का बताया वैज्ञानिक महत्व
योगाचार्य उमाशंकर ने मानव शरीर में ऊर्जा के सात प्रमुख केंद्रों—मूलाधार, स्वाधिष्ठान, मणिपुर, अनाहत, विशुद्धि, आज्ञा और सहस्रार चक्र—का वैज्ञानिक विश्लेषण किया। उन्होंने बताया कि जब प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से इन चक्रों को सक्रिय किया जाता है, तब शरीर में रुकी हुई ऊर्जा का प्रवाह प्रारंभ हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप कई असाध्य बीमारियां स्वतः दूर होने लगती हैं और व्यक्ति को आत्मिक शांति का अनुभव होता है।
साधकों ने किया 25 मिनट का गहन ध्यान
योग सत्र के दौरान सभी साधकों को 25 मिनट का गहन ध्यान (मेडिटेशन) कराया गया। इस अभ्यास में मन के भीतर प्रकाश की कुंज किरणों को आत्मसात करने का विशेष प्रयोग कराया गया, जिससे साधकों ने ध्यान की बारीकियों को समझने के साथ मानसिक शांति का अनुभव भी किया।
बड़ी संख्या में योग प्रेमियों ने की सहभागिता
शिविर में संस्था के प्रमुख कार्यकर्ताओं सहित शहर के प्रबुद्ध नागरिक अनिल काबरा, भेरूलाल अग्रवाल, कैलाश डाड, सुरेश काबरा, अंजू भंडारी और बबीता बांबूलिया सहित बड़ी संख्या में योग प्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने योग और ध्यान के अभ्यास में सक्रिय भागीदारी निभाई।
रविवार को फिर लगेगी विशेष योग कक्षा
प्रन्यास की ओर से बताया गया कि इस योग शिविर की अगली कड़ी के तहत रविवार सुबह ठीक 5:45 बजे सुजुकी एनक्लेव में एक और विशेष योग कक्षा आयोजित की जाएगी। संस्था ने नागरिकों से समय पर पहुंचकर योग एवं ध्यान सत्र का लाभ लेने की अपील की है।
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Bhilwara, Rajasthan
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