नर्सिंग अधीक्षक ने कहा- मरीज की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म, मानवता की भावना को मजबूत करने का लिया संकल्प
नदबई (भरतपुर)। अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज दिवस के अवसर पर मंगलवार को नदबई के जिला अस्पताल में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान नर्सिंग स्टाफ ने आधुनिक नर्सिंग सेवा की जनक ‘फ्लोरेंस नाइटेंगेल’ का जन्मदिवस बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया। कार्यक्रम में अस्पताल के समस्त नर्सेज ने मरीजों की निस्वार्थ सेवा और समर्पण का संकल्प दोहराया।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ नर्सिंग अधीक्षक नरेंद्र उपाध्याय द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। उन्होंने उपस्थित स्टाफ को संबोधित करते हुए फ्लोरेंस नाइटेंगेल के जीवन संघर्ष और चिकित्सा क्षेत्र में उनके क्रांतिकारी योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नर्सिंग का पेशा केवल रोजगार नहीं, बल्कि मानव सेवा का एक पुनीत माध्यम है।
संवेदनशीलता और सेवा ही असली कर्तव्य नर्सिंग अधीक्षक ने जोर देकर कहा कि अस्पताल में आने वाला हर मरीज एक विश्वास लेकर आता है। एक नर्स का कर्तव्य है कि वह मरीज की देखभाल पूरी संवेदनशीलता, धैर्य और सहानुभूति के साथ करे। उनके अनुसार, मरीजों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही नर्सेज दिवस की सच्ची सार्थकता है।
प्रेरणास्रोत हैं नाइटेंगेल के आदर्श कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि ‘द लेडी विद द लैंप’ के नाम से प्रसिद्ध फ्लोरेंस नाइटेंगेल ने नर्सिंग को पूरे विश्व में नई पहचान दिलाई। उनके आदर्श आज भी हर स्वास्थ्य कर्मी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
इस अवसर पर माधव, अमित, मनीष, पीतम, नरेंद्र, सुनील, भोपाल, सत्यप्रकाश सहित जिला अस्पताल का समस्त नर्सिंग स्टाफ उपस्थित रहा।
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Bharatpur, Rajasthan