डॉ. अंबेडकर उद्यम योजना से चालक बना टैक्सी व्यवसायी, मिली नई राह


8.60 लाख की परियोजना स्वीकृत, बैंक ऋण के साथ मार्जिन मनी और ब्याज अनुदान से मिला स्वरोजगार का अवसर

भीलवाड़ा। डॉ. भीमराव अंबेडकर उद्यम प्रोत्साहन योजना से युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित यह योजना जिले में कई युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का आधार बन रही है।

जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र, भीलवाड़ा द्वारा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए पात्र युवाओं को वित्तीय सहायता और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में योजना के तहत लाभार्थी दिनेश मेघवंशी को वाणिज्यिक वाहन व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

8.60 लाख की परियोजना स्वीकृत, मिला ऋण और अनुदान का लाभ

योजना के अंतर्गत दिनेश मेघवंशी को स्विफ्ट डिजायर टैक्सी परमिट वाहन खरीदने के लिए कुल 8.60 लाख रुपये लागत की परियोजना स्वीकृत की गई। परियोजना के वित्तपोषण के लिए बैंक द्वारा 7.35 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया।

इसके साथ ही योजना के प्रावधानों के अनुसार लाभार्थी को 2.15 लाख रुपये की मार्जिन मनी अनुदान राशि तथा 9 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ भी प्रदान किया जाएगा। इस सहायता से दिनेश मेघवंशी पर आर्थिक भार कम होगा और वे अपने व्यवसाय का बेहतर तरीके से संचालन कर सकेंगे।

योजना के नियमों के अनुसार 25 लाख रुपये तक की परियोजनाओं पर 9 प्रतिशत, 5 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं पर 7 प्रतिशत तथा 10 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं पर 6 प्रतिशत ब्याज अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। इसी प्रावधान के तहत दिनेश मेघवंशी को 9 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ मिलेगा।

चालक से बने वाहन मालिक, योजना ने दिया नया आत्मविश्वास

दिनेश मेघवंशी पहले दूसरे व्यक्ति की टैक्सी चलाकर सीमित आय अर्जित करते थे। आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण स्वयं का वाहन खरीदना उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा था।

हालांकि, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र के मार्गदर्शन और डॉ. भीमराव अंबेडकर उद्यम प्रोत्साहन योजना से मिली आर्थिक सहायता के बाद अब वे अपने स्वयं के व्यावसायिक वाहन का संचालन कर रहे हैं।

स्वयं का वाहन होने से उनकी आय में वृद्धि होने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। इसके अलावा, इस व्यवसाय से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

दिनेश मेघवंशी ने राज्य सरकार और जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना से मिली सहायता ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। उन्होंने बताया कि यदि समय पर आर्थिक सहयोग नहीं मिलता तो स्वयं का व्यवसाय शुरू करना उनके लिए संभव नहीं हो पाता।

उन्होंने कहा कि अब वे अन्य युवाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने का प्रयास करने की अपील करेंगे।

युवाओं से योजना का लाभ लेने की अपील

जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र के संयुक्त आयुक्त एवं महाप्रबंधक कमलेश कुमार मीना ने बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर उद्यम प्रोत्साहन योजना अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को उद्योग, सेवा और व्यवसाय स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण योजना है।

उन्होंने पात्र युवाओं से योजना का अधिकतम लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से योजना की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया, बैंक समन्वय, मार्जिन मनी और ब्याज अनुदान उपलब्ध कराने सहित हर स्तर पर आवेदकों को सहयोग दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से जिले में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है और रोजगार सृजन को भी गति मिल रही है। युवाओं को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए ऐसी योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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