सूरौठ में शारीरिक शिक्षकों की तीन दिवसीय संगोष्ठी संपन्न, खेल व अनुशासन पर जोर


शरीर से स्वस्थ खिलाड़ी ही राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर सकता है, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सर्वेश कुमार गुप्ता ने दिए प्रेरक संदेश।

सूरौठ। सूरौठ में शारीरिक शिक्षकों की तीन दिवसीय संगोष्ठी का शनिवार को बयाना रोड स्थित रोशनी बंधन मैरिज गार्डन में समापन समारोह के साथ सफलतापूर्वक समापन हुआ। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर के संयोजन में आयोजित इस तीन दिवसीय शैक्षिक संगोष्ठी में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के शारीरिक शिक्षकों ने भाग लेकर खेल गतिविधियों, शारीरिक शिक्षा और विद्यार्थियों के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

संगोष्ठी की संयोजक प्रधानाध्यापक मंजू शर्मा, शारीरिक शिक्षक सुरेंद्र सिंह राजावत एवं नरेंद्र बाबा ने बताया कि समापन समारोह के मुख्य अतिथि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी करौली सर्वेश कुमार गुप्ता रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी हिंडौन सीमा जादौन ने की। वहीं एसीबीओ दयाल सिंह सोलंकी, पीईईओ अनिता कुमारी, संगोष्ठी पर्यवेक्षक प्रधानाचार्य लकी शर्मा, पूर्व खेल प्रभारी ओम प्रकाश शर्मा, प्रारंभिक शिक्षा के खेल प्रभारी मुकेश चंद शर्मा, ऑनलाइन प्रभारी वरुण सिंह तथा प्रारंभिक शारीरिक शिक्षा संघ के अध्यक्ष हरीश पाठक विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

स्वस्थ खिलाड़ी ही बना सकता है राष्ट्रीय स्तर पर पहचान

मुख्य अतिथि सर्वेश कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि शरीर से स्वस्थ खिलाड़ी ही राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपना स्थान पक्का कर सकता है। उन्होंने कहा कि शारीरिक शिक्षकों की भूमिका केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि वे विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक जीवन मूल्यों का विकास भी करते हैं।

उन्होंने शारीरिक शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को खेलों के साथ-साथ पढ़ाई में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें तथा युवा पीढ़ी को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने के लिए जागरूक करें।

स्वच्छ भारत और अनुशासन पर दिया विशेष जोर

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही सीमा जादौन ने स्वच्छ भारत, हिट भारत के संदेश को व्यवहार में अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि संस्था प्रधान और शारीरिक शिक्षक आपसी समन्वय से कार्य करें तो विद्यालय का वातावरण अनुशासित और बेहतर बनता है।

वहीं दयाल सिंह सोलंकी ने कहा कि विद्यालय में प्रार्थना सभा से लेकर छुट्टी तक अनुशासन बनाए रखने में शारीरिक शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उनका योगदान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

खेल नियमों और गतिविधियों पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी

संगोष्ठी के तीसरे दिन प्रथम सत्र की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद विभिन्न खेलों के विशेषज्ञों ने खेल गतिविधियों, नियमों और तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी।

इस दौरान वीरेंद्र सिंह राजावत, भूपाल सिंह (हॉकी), शशि शर्मा (राइफल शूटिंग), दिनेश चंद शर्मा, गगन शर्मा (बास्केटबॉल), राजकुमार सांवरिया (शतरंज), समिन्दर सिंह, विक्रम सिंह (सॉफ्टबॉल), सुरेंद्र सिंह (नेटबॉल), कैलाश जाट, विष्णु (कुश्ती) तथा हरीश (कबड्डी) ने खेलों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। साथ ही उपस्थित शिक्षकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर भी दिए।

संगोष्ठी में रही शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता

कार्यक्रम का संचालन हरीश पाठक ने किया, जबकि अंत में संयोजकों ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर महेंद्र गौतम, वेदरत्न जैमर्नी, योगेंद्र सुल्तानोत, विक्रम, राजू, सुनील यादव, राम लखन मीणा, भगत सिंह बेनीवाल, प्रहलाद गौड़, दिनेश शर्मा, खेमचंद पाठक, नवल सिंह सहित बड़ी संख्या में शारीरिक शिक्षक उपस्थित रहे।

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