गोपालगढ़ मदरसा हादसे पर DLSA सख्त, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश


सेफ्टी टैंक हादसे के बाद डीएलएसए सचिव ने मदरसे का औचक निरीक्षण कर जवाब-तलब किया, कलेक्टर से रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

डीग। गोपालगढ़ स्थित मील मदरसा में सेफ्टी टैंक से जुड़ी दुखद घटना के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), डीग ने मामले का संज्ञान लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। डीएलएसए अध्यक्ष हेमराज गौड़ के निर्देशन में सचिव रामकिशन शर्मा ने रविवार को मदरसे का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा जिला कलेक्टर से विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मदरसे का किया औचक निरीक्षण

डीएलएसए सचिव रामकिशन शर्मा ने 20 जुलाई 2026 को डीग जिले के सीकरी क्षेत्र स्थित गोपालगढ़ मील मदरसा का औचक निरीक्षण किया। उनके साथ एलडीसी चीफ विनोद शर्मा, डिप्टी चीफ राजेंद्र शर्मा, पहाड़ी तहसीलदार धर्म सिंह, गोपालगढ़ थाना प्रभारी रामावतार, सब-इंस्पेक्टर तथा पुलिस जाप्ता भी मौजूद रहा।

तीन दिन पहले हुआ था दर्दनाक हादसा

गौरतलब है कि तीन दिन पूर्व मदरसे में सेफ्टी टैंक की सफाई के दौरान एक दुखद हादसा हुआ था। इस घटना में टैंक में उतारे जाने के कारण एक छात्रा की मृत्यु हो गई थी, जबकि 12 अन्य छात्राएं घायल हो गई थीं। घटना के बाद प्रशासनिक एवं कानूनी स्तर पर जांच जारी है।

चेयरमैन से मांगा स्पष्टीकरण

निरीक्षण के दौरान डीएलएसए टीम ने पाया कि मदरसे में छात्राएं आवासीय रूप से रह रही हैं तथा सेफ्टी टैंक क्षेत्र में अत्यधिक दुर्गंध फैली हुई थी। सचिव रामकिशन शर्मा ने मदरसा ट्रस्ट के चेयरमैन मौलवी अरशद खान से घटना के संबंध में स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा कि यह हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। साथ ही जांच में पूर्ण सहयोग करने के निर्देश भी दिए।

बिना पंजीकरण संचालित मदरसों पर भी सख्ती

डीएलएसए सचिव ने क्षेत्र में बिना वैधानिक पंजीकरण संचालित मदरसों को शीघ्र पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों से किसी भी प्रकार का असुरक्षित या जोखिमपूर्ण कार्य कराना कानून का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दोषियों की पहचान कर कार्रवाई के निर्देश

डीएलएसए ने जिला प्रशासन से कहा है कि घटना में यदि किसी स्तर पर आपराधिक लापरवाही सामने आती है तो दोषी व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा पूरी जांच रिपोर्ट जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रस्तुत की जाए।

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