जिलाधिकारी ने विकास कार्यों की समीक्षा कर रैंकिंग सुधारने, परियोजनाएं समय पर पूरी करने और अनुपस्थित अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
प्रयागराज। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को संगम सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति, निर्माणाधीन परियोजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जनपद की विकास रैंकिंग मई माह में 47वें स्थान से सुधरकर जून माह में 24वें स्थान पर पहुंची है। उन्होंने इस सुधार पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी विभागों को नियमित समीक्षा और समय पर आंकड़ों की फीडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आगामी माह में रैंकिंग को और बेहतर बनाया जा सके।
अनुपस्थित अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश
बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उनका एक दिन का वेतन रोकने तथा अनुपस्थिति का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समीक्षा बैठकों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
धीमी परियोजनाओं पर कारण बताओ नोटिस
जिलाधिकारी ने यूपीसिडको, पीडब्ल्यूडी, यूपीपीसीएल, राजकीय निर्माण निगम, यूपीआरएनएसएस, सीएनडीएस सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा संचालित परियोजनाओं की समीक्षा की। निर्धारित समयसीमा के अनुरूप कार्य प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों एवं अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को संसाधन बढ़ाकर युद्धस्तर पर कार्य करने, स्वीकृत धनराशि का समय पर उपयोग करने तथा गुणवत्ता के साथ परियोजनाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही मेडिकल कॉलेज से संबंधित सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने को कहा।
जनकल्याणकारी योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी को जननी सुरक्षा योजना के लंबित भुगतानों का शीघ्र निस्तारण तथा एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुंचना चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर बी, सी और डी श्रेणी में आने वाले विभागों के अधिकारियों से जवाब-तलब करते हुए अगले माह तक प्रदर्शन सुधारकर ए श्रेणी में आने के निर्देश दिए।
50 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की होगी नियमित निगरानी
जिलाधिकारी ने 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की विशेष समीक्षा करते हुए नोडल अधिकारियों को प्रत्येक माह स्थल निरीक्षण कर भौतिक सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। निरीक्षण रिपोर्ट समय पर उपलब्ध नहीं कराने वाले अधिकारियों का वेतन रोकने की चेतावनी भी दी गई।
उन्होंने निर्देश दिए कि जो परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, उनका शीघ्र हैंडओवर किया जाए तथा जिन परियोजनाओं में अतिरिक्त बजट या समय विस्तार की आवश्यकता है, उनके प्रस्ताव समय पर शासन को भेजे जाएं।
10 दिन में फैमिली आईडी का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने फैमिली आईडी निर्माण अभियान की समीक्षा करते हुए डीसी मनरेगा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और उप श्रमायुक्त को विशेष अभियान चलाकर 10 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग नियमित मॉनिटरिंग करें और कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतें।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों और निर्माण परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लापरवाही या उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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